दैनिक सांध्य बन्धु हिसार। हरियाणा में आगामी विधानसभा चुनाव के बीच सिरसा से सांसद कुमारी सैलजा ने दलित मुख्यमंत्री की मांग उठाते हुए सीएम पद के लिए अपना दावा पेश किया है। कुमारी सैलजा, जो कांग्रेस का प्रमुख दलित चेहरा हैं, ने कहा कि अगर दूसरी जातियों से मुख्यमंत्री बन सकते हैं, तो दलितों से क्यों नहीं। उन्होंने विधानसभा चुनाव लड़ने की भी इच्छा जताई, हालांकि अंतिम फैसला पार्टी हाईकमान पर छोड़ा है।
कुमारी सैलजा के इस दावे से पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के समर्थकों में हलचल मच गई है। इसके बावजूद, कांग्रेस हाईकमान की चेतावनी के बाद हुड्डा और सैलजा के बीच टिकट बंटवारे को लेकर सहमति बन गई है। दोनों नेताओं ने एक-दूसरे के समर्थकों को टिकट देने पर सहमति जताई है।
कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, टिकट बंटवारे पर चल रही इस खींचतान को देखते हुए कांग्रेस हाईकमान ने हस्तक्षेप किया और दोनों नेताओं को अपनी सहमति बनाने के लिए कहा। अब हुड्डा और सैलजा के बीच दिल्ली में बैठक के बाद सीटों के बंटवारे पर सहमति बन चुकी है। इस सहमति के तहत सैलजा को 20 से 25 सीटें मिल सकती हैं, जिनमें से कुछ पर बीजेपी मजबूत है।
कांग्रेस अब प्रदेश में गुटबाजी की चर्चाओं को समाप्त करने के लिए बड़े नेताओं को एक मंच पर लाने की योजना बना रही है। इससे जनता में यह संदेश जाएगा कि कांग्रेस में एकता है और वे सत्ता में वापसी के लिए तैयार हैं। कांग्रेस की पहली उम्मीदवारों की सूची सितंबर के पहले सप्ताह में जारी होने की उम्मीद है।
