दैनिक सांध्य बन्धु उज्जैन। कांग्रेस द्वारा आयोजित हल्ला बोल आंदोलन के तहत कलेक्टोरेट का घेराव किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारी शामिल हुए। नर्सिंग घोटाला, नीट एग्जाम फर्जीवाड़ा, और शिप्रा नदी के प्रदूषण जैसे मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता उग्र हो गए और पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स पर चढ़ने की कोशिश की, जिससे पुलिस के साथ धक्का-मुक्की भी हुई।
प्रदर्शन से पहले पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने महाकाल मंदिर में दर्शन किए। प्रदर्शन के दौरान पीसीसी चीफ जीतू पटवारी और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने भी सभा को संबोधित किया। कांग्रेस नेताओं ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर जमकर हमला बोला, राज्य की बिगड़ती कानून व्यवस्था और अन्य मुद्दों पर सरकार की नीतियों की कड़ी आलोचना की।
दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस के युवाओं में दिख रहे जोश की सराहना की और कहा कि सीएम के घर पर हल्ला बोलने के लिए उन्हें बधाई दी। जीतू पटवारी ने महाकाल की नगरी में शराब का व्यवसाय बंद करवाने की मांग की और प्रदेश सरकार को माफिया सरकार करार दिया। उमंग सिंगार ने उज्जैन की जमीन के कथित लूट और आरएसएस को 140 करोड़ की जमीन देने पर सरकार की आलोचना की।
