दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। हाईकोर्ट परिसर में एक व्यक्ति के भ्रूण लेकर पहुंचने के मामले में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई हुई है। जबलपुर पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय ने सुरक्षा में तैनात चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई मंगलवार को की गई।
निलंबित किए गए पुलिसकर्मियों में एएसआई मुन्ना अहिरवार, हेड कांस्टेबल ब्रह्मदत्त खत्री, हेड कांस्टेबल अरुण उपाध्याय और कांस्टेबल प्रतीक सोनकर शामिल हैं। घटना के समय इन सभी की ड्यूटी हाईकोर्ट परिसर की सुरक्षा में लगी हुई थी।
बैग में भ्रूण लेकर हाईकोर्ट पहुंचा था व्यक्ति
जानकारी के अनुसार रीवा जिले के बैकुंठपुर निवासी दयाशंकर पांडे सोमवार को गेट नंबर-6 से हाईकोर्ट परिसर में दाखिल हुआ। उसके बैग में दस्तावेजों के साथ एक भ्रूण रखा हुआ था। जैसे ही इसकी जानकारी परिसर में फैली, वहां हड़कंप मच गया।
दयाशंकर पांडे अपने मामले की सुनवाई के लिए खुद ही हाईकोर्ट में पैरवी करने पहुंचे थे।
पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप
दयाशंकर का आरोप है कि उस पर और उसके परिवार पर कई बार हमले किए गए, जिनकी शिकायत उसने रीवा पुलिस से की थी। लेकिन उसकी शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी के चलते उसने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
2024 में निर्दलीय चुनाव लड़ने का दावा
दयाशंकर पांडे का कहना है कि उसने विधानसभा और वर्ष 2024 में लोकसभा का निर्दलीय चुनाव भी लड़ा था। चुनाव हारने के बाद से ही उस पर हमले होने का आरोप वह लगा रहा है।
सड़क हादसे के बाद पत्नी का हुआ मिसकैरेज
दयाशंकर के मुताबिक 1 मार्च को वह अपनी पत्नी और चार साल की बेटी के साथ बाइक से जा रहा था। इसी दौरान एक बिना नंबर की कार ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी, जिससे उसकी पत्नी घायल हो गई।
उसका आरोप है कि 8 मार्च को हादसे के कारण उसकी पत्नी के गर्भ में पल रहे बच्चे का मिसकैरेज हो गया, जिसके बाद वह भ्रूण को लेकर न्याय की मांग करते हुए हाईकोर्ट पहुंच गया।
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