Jabalpur News: शहर के 'नटवरलाल' अधेड़ों को बनाते हैं निशाना, पैर छूकर करते हैं ठगी, पुलिस वालों को भी नहीं छोड़ा

दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। दो शातिर ठगों, हीरालाल और पन्नालाल, की गिरफ्तारी ने शहर में सनसनी फैला दी है। पिछले पांच सालों में, उन्होंने 100 से अधिक लोगों को ठगा है, जिसमें बुजुर्गों से लेकर पुलिसकर्मी तक शामिल हैं। इन ठगों का अनूठा तरीका है पैर छूकर या आशीर्वाद के बहाने लोगों से ठगी करना।

ठगी का नया तरीका: आशीर्वाद के बहाने लूट

18 अगस्त को, रांझी क्षेत्र में रहने वाले आसाराम झा (53) को इन ठगों ने निशाना बनाया। आसाराम मजदूरों को पेमेंट करने जा रहे थे, जब ठगों ने उनसे आशीर्वाद के बहाने संपर्क किया। एक ठग ने पैर छूने का नाटक किया और दूसरे ने सफाई से उनका बैग लेकर फरार हो गया, जिसमें 40,000 रुपये थे।

हीरालाल-पन्नालाल की गिरफ्तारी: पुराने अपराधी

पुलिस ने आसाराम की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए ठगों को गिरफ्तार किया। जांच में पता चला कि उनके असली नाम अरुण जाट (45) और मुन्ना शकील (47) हैं। इन पर जुआ, चोरी और अवैध हथियार रखने के कई मामले पहले से दर्ज हैं। ये ठग अक्सर बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन के पास घूमते थे और अपने शिकार की तलाश में रहते थे।

जेल में बनी दोस्ती, बाहर निकले तो ठग बने

अरुण जाट और मुन्ना शकील की मुलाकात 2018 में जेल में हुई थी। दोनों ने जेल में ही दोस्ती की और बाहर आने के बाद साथ में ठगी करने लगे। इनका तरीका था आशीर्वाद के बहाने लोगों का भरोसा जीतना और फिर उन्हें लूट लेना। पुलिस रिकॉर्ड में इनके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं, और अब पुलिस इनके अन्य साथियों की तलाश कर रही है।

महिलाओं को भी नहीं बख्शा: गढ़ा में वृद्धा से लूट

22 अगस्त को, गढ़ा थाना क्षेत्र में एक अन्य घटना में, इन ठगों ने एक 68 वर्षीय महिला, लक्ष्मी बाई को निशाना बनाया। उन्होंने सहायता के बहाने वृद्धा को रास्ता पार कराया और उसके हाथों में कोई पाउडर लगा दिया, जिससे उसकी दृष्टि धुंधली हो गई। इसके बाद उन्होंने वृद्धा के सोने के कंगन, चेन, और पर्स लूट लिया और फरार हो गए। पुलिस अब घटना स्थल के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है।

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