दैनिक सांध्य बन्धु भोपाल। प्रदेश में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और गति में सुधार की दिशा में उठाए कदम लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने विभाग के अधिकारियों के साथ तीन घंटे की मैराथन बैठक की, जिसमें प्रदेश में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और गति सुनिश्चित करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में अपर मुख्य सचिव केसी गुप्ता, एमडी भवन विकास निगम चंद्र मोहन ठाकुर समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।
बैठक में मंत्री सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सुझावों, नवाचारों, और निर्देशों को समयबद्ध तरीके से लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने हर महीने सड़क निर्माण का स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने और उसकी प्रगति की नियमित समीक्षा करने की बात कही। इसके साथ ही, लोकपथ मोबाइल ऐप में 15 नवंबर तक सभी सड़कों को शामिल करने का निर्देश दिया ताकि आमजन क्षतिग्रस्त सड़कों की शिकायत कर सकें।
मंत्री ने सड़क निर्माण में उच्च गुणवत्ता की सामग्री के उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण मटेरियल का उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सड़क निर्माण परियोजनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए शासन स्तर पर मॉनिटरिंग सेल के गठन के भी निर्देश दिए, जो 50 करोड़ से अधिक की सभी निर्माण परियोजनाओं की विशेष निगरानी करेगी।
सिंह ने निर्माण कार्यों में नवीनतम तकनीकों के उपयोग और कंप्यूटरीकरण पर भी बल दिया। उन्होंने इंटीग्रेटेड प्रोजेक्ट मैनेजमेंट सिस्टम और रोड एसेट मैनेजमेंट सिस्टम को शीघ्र लागू करने के निर्देश दिए, जिससे परियोजना प्रबंधन में पारदर्शिता आएगी और निर्माण कार्यों की वित्तीय और भौतिक प्रगति की रियल-टाइम मॉनिटरिंग संभव होगी।
सड़क निर्माण के दौरान पर्यावरण संरक्षण के उपायों पर भी विशेष जोर देते हुए मंत्री ने कहा कि पेड़ काटने की बजाए उन्हें शिफ्ट करने और रेन वाटर हार्वेस्टिंग को अनिवार्य करने के प्रावधान टेंडर में जोड़े जाएं।
मंत्री सिंह ने फील्ड इंजीनियर्स के प्रशिक्षण और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में सुधार के लिए औचक निरीक्षण की संख्या बढ़ाने पर भी जोर दिया। उन्होंने विभाग के अधिकारी और ठेकेदारों को प्रोत्साहित करने के लिए अच्छा कार्य करने वालों को सम्मानित करने के मापदंड तैयार करने के भी निर्देश दिए।
मंत्री सिंह ने बैठक के अंत में कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देशों के अनुरूप लोक निर्माण विभाग में सकारात्मक बदलाव की प्रक्रिया जारी है, और इसके लिए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को मिलकर काम करना होगा।
