दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई के दौरान एक महत्वपूर्ण प्रकरण सामने आया, जहां शपथकर्ता के हस्ताक्षर के बिना ही शपथपत्र को नोटरी द्वारा सत्यापित कर दिया गया था। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर दीपक सक्सेना ने जिला न्यायाधीश को इसकी जानकारी देने और संबंधित नोटरी के लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जनसुनवाई में 187 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें अधिकांश प्रकरण नामांतरण, सीमांकन, अतिक्रमण, शिक्षा, चिकित्सा सहायता, पेंशन, आवास योजना, बीपीएल कार्ड, निजी भूमि से कब्जा हटवाने और पारिवारिक विवादों से संबंधित थे। इनमें से 134 नए आवेदन थे, जबकि 53 आवेदन पहले भी प्रस्तुत किए जा चुके थे।
कलेक्टर सक्सेना ने मौके पर ही दोनों पक्षों के विवाद से संबंधित 11 मामलों की सुनवाई की। इन प्रकरणों में फर्जी तरीके से जमीन के नामांतरण, मकान से संबंधित विवाद, बेटी की शादी के लिए मकान रिक्त कराने, दस्तावेजों में छेड़छाड़, अवैध कब्जा और पेंशन संबंधी मुद्दे शामिल थे।
कलेक्टर के साथ अपर कलेक्टर नाथूराम गोंड, सभी एसडीएम और संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भी जनसुनवाई में हिस्सा लिया और आवेदकों की समस्याओं का त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए।
