दैनिक सांध्य बन्धु चंडीगढ़। हरियाणा में 19 सीटें सियासी खेल का केंद्र बन सकती हैं, जहां भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है। एक एग्जिट पोल एजेंसी के अनुसार, इन सीटों पर जीत का मार्जिन बेहद कम है, जो किसी भी पार्टी के पक्ष में जा सकती हैं। राज्य के कार्यवाहक मुख्यमंत्री नायब सैनी ने भी यह स्वीकार किया कि कुछ सीटों पर कड़ा मुकाबला था, लेकिन उन्होंने विश्वास जताया कि बीजेपी इन सीटों को जीतकर सरकार बनाएगी।
5 अक्टूबर को 90 विधानसभा सीटों के लिए हुए चुनाव के बाद विभिन्न एग्जिट पोल्स ने कांग्रेस की वापसी की संभावना जताई है। पोल ऑफ पोल्स के अनुसार, कांग्रेस 56 सीटें जीत सकती है जबकि भाजपा 27 सीटों तक सीमित रह सकती है, जो बहुमत से काफी दूर है।
सी-वोटर के एग्जिट पोल के अनुसार, हरियाणा की 19 सीटें किसी भी दल का भविष्य तय कर सकती हैं। अगर ये सीटें कांग्रेस के खाते में जाती हैं, तो पार्टी 60 से ज्यादा सीटें जीत सकती है। दूसरी ओर, यदि बीजेपी इन सीटों पर जीतती है, तो भी पार्टी को बहुमत हासिल करने में कठिनाई हो सकती है। खासकर इन 19 सीटों में 13 पर कांग्रेस दूसरे नंबर पर है, जिससे बीजेपी के लिए चुनौती बढ़ जाती है।
कार्यवाहक मुख्यमंत्री नायब सैनी ने एग्जिट पोल्स को खारिज करते हुए दावा किया कि हरियाणा में बीजेपी पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाएगी। उन्होंने स्वीकार किया कि कुछ सीटों पर कड़ा मुकाबला था, लेकिन फिर भी पार्टी को जीत का भरोसा है। दूसरी ओर, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस भारी बहुमत से सरकार बनाने जा रही है और एग्जिट पोल्स ने इस संकेत को मजबूत किया है।
एग्जिट पोल्स के अनुसार, बीजेपी को इस बार एंटी-इनकंबेंसी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे पार्टी को नुकसान उठाना पड़ सकता है। यदि कांग्रेस सत्ता में लौटती है, तो यह 10 साल बाद हरियाणा में उसकी वापसी होगी। वोटिंग प्रतिशत में मामूली गिरावट के बावजूद, बीजेपी का मजबूत चुनावी प्रबंधन विपक्ष की बढ़त को चुनौती देने में कामयाब रहा है।
हरियाणा में पिछले 24 सालों में दो बार ऐसा हुआ है जब वोटिंग प्रतिशत में मामूली गिरावट या स्थिरता रही और दोनों बार त्रिशंकु विधानसभा का गठन हुआ। इस बार भी इसी तरह की स्थिति बन सकती है, जहां सत्ता का खेल इन 19 सीटों पर टिका हुआ है।
