दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। पुलिस आरक्षक भर्ती प्रक्रिया के दौरान एसएएफ 6वीं बटालियन में चल रहे फिजिकल टेस्ट और दस्तावेज परीक्षण के दौरान एक अभ्यर्थी को फर्जी दस्तावेजों के साथ पकड़ा गया है। जांच कमेटी ने दस्तावेजों की जांच के दौरान संदिग्ध अनुभव प्रमाण पत्र मिलने पर आरोपी को थाना रांझी भेज दिया।
फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र का खुलासा
गुरुवार को दस्तावेज परीक्षण के दौरान पता चला कि सिविल लाइन जबलपुर निवासी गुलजार खान द्वारा प्रस्तुत किया गया होमगार्ड में पदस्थ होने और अनुभव का प्रमाण पत्र फर्जी था। संदेह होने पर जांच कमेटी ने होमगार्ड के अधिकारियों से संपर्क किया, जिन्होंने स्पष्ट किया कि इस नाम का कोई व्यक्ति होमगार्ड में पदस्थ नहीं है और न ही किसी प्रकार का प्रमाण पत्र जारी किया गया है।
थाने में पूछताछ जारी
रांझी पुलिस ने आरोपी गुलजार खान को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में उसने स्वीकार किया कि आरक्षक भर्ती में अंकों के लिए उसने फर्जी प्रमाण पत्र जमा किया था। पुलिस अब उसके द्वारा जमा किए गए सभी दस्तावेजों की गहराई से जांच कर रही है।
कड़ी सुरक्षा में हो रही भर्ती प्रक्रिया
पुलिस आरक्षक भर्ती प्रक्रिया कड़ी सुरक्षा और चार स्तरीय बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के साथ हो रही है। उम्मीदवारों को फिजिकल टेस्ट देने से पहले आंखों की पुतली और अंगुलियों के फिंगरप्रिंट की जांच होती है। इसके बाद आधार कार्ड का क्रॉस चेक किया जाता है। सभी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही अभ्यर्थियों को मैदान में जाने की अनुमति दी जाती है।
इनका कहना है
एसएएफ द्वारा मिली जानकारी के आधार पर रांझी पुलिस ने गुलजार खान के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब फर्जी प्रमाण पत्र बनाने और इसका इस्तेमाल करने के मामले की गहराई से जांच कर रही है।
– मानस द्विवेदी, टीआई रांझी
