दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। जबलपुर के एक निजी अस्पताल में 14 वर्षीय बच्ची तृषा गुप्ता की मौत को लेकर परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पान उमरिया निवासी तृषा का स्कूटी एक्सीडेंट होने के बाद जबड़े में चोट आई थी। उसे 16 तारीख को इलाज के लिए जबलपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
डॉक्टरों ने परिजनों को जबड़े की चोट के ऑपरेशन की जरूरत बताई। परिजन ऑपरेशन के लिए सहमत हो गए, और डॉक्टरों ने सभी आवश्यक जांच पूरी करने के बाद तृषा को ऑपरेशन थिएटर में ले लिया। ऑपरेशन के लगभग तीन घंटे बाद डॉक्टरों ने परिजनों को बताया कि बच्ची की सांस नहीं चल रही है।
इस खबर के बाद परिजनों ने अस्पताल में हंगामा कर दिया। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों ने बच्ची को जरूरत से ज्यादा एनेस्थीसिया दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।जांच में जुटी पुलिस
हंगामे की सूचना पर ओमती थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। पुलिस ने परिजनों की शिकायत दर्ज कर ली है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
अस्पताल प्रबंधन की चुप्पी
इस मामले में अस्पताल प्रबंधन की ओर से कोई बयान सामने नहीं आया है। फिलहाल परिजन बच्ची का शव लेकर पान उमरिया लौट गए हैं।
यह घटना अस्पताल प्रबंधन की कार्यशैली पर सवाल खड़े करती है।
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