दैनिक सांध्य बन्धु इंदौर। इंदौर में एमपी पीएससी मुख्यालय के बाहर अभ्यर्थियों का धरना शुक्रवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। प्रदेशभर से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी इंदौर पहुंच रहे हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि उनकी मांगों पर लिखित आश्वासन मिलने तक आंदोलन समाप्त नहीं होगा। शुक्रवार रात को भी 1,000 से अधिक अभ्यर्थी धरनास्थल पर मौजूद रहे।
मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (पीएससी) ने लिखित आश्वासन देने से इनकार कर दिया है। आयोग का कहना है कि उन्होंने अभ्यर्थियों की सभी प्रमुख मांगों पर स्थिति स्पष्ट कर दी है।
मुख्य मुद्दों पर आयोग का पक्ष
1. 2025 के पदों की संख्या
आयोग ने कहा कि वे केवल विज्ञापन जारी करते हैं। पदों की संख्या शासन द्वारा विभागवार भेजी जाती है। इस पर पत्र व्यवहार जारी है, और जल्द ही विज्ञापन जारी होगा।
2. 2019-2024 राज्य सेवा मेंस की कॉपियां दिखाने पर
आयोग ने कहा कि ओबीसी आरक्षण का मामला न्यायालय में लंबित है। अधूरे परिणाम में कॉपियां दिखाना संभव नहीं है। यह न्यायालय के निर्णय के बाद ही किया जाएगा।
3. इंटरव्यू अंकों की संख्या
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार कुल अंकों का अधिकतम 12% ही इंटरव्यू में हो सकता है। आयोग ने इसी अनुपात के तहत अंक निर्धारित किए हैं।
4. 87-13 फॉर्मूले पर
शासन द्वारा तय 87-13 का फॉर्मूला सही है। न्यायालय के निर्णय के बाद ही पूरा परिणाम घोषित किया जा सकेगा।
अभ्यर्थी आयोग के जवाब से संतुष्ट नहीं हैं और लिखित आश्वासन की मांग पर अड़े हुए हैं। उनका कहना है कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी तरह स्पष्ट और स्वीकार नहीं की जातीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
