Jabalpur News: रादुविवि में धरना प्रदर्शन से नए साल की शुरुआत

दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। साल 2024 में रादुविवि राजनीति आंदोलन और धरना प्रदर्शन का शिकार रहा, जिसने पूरे साल विश्वविद्यालय के कामकाज को प्रभावित रखा. रादुविवि में साल 2025 के पहला दिन की शुरुआत भी धरना प्रदर्शन और नारेबाजी से हुई  अनुसूचित जाति, जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग कर्मचारी संघ का धरना बुधवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। संघ ने कुल 17 सूत्रीय मांगों को लेकर यह आंदोलन शुरू किया है, जिससे रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय (रादुविवि) प्रशासन में बैचेनी बढ़ गई है। धरने की शुरुआत के कुछ ही घंटों बाद प्रभारी कुलसचिव राजेन्द्र कुरारिया कर्मचारियों से चर्चा करने पहुंचे, लेकिन संघ के पदाधिकारियों का कहना था कि अब उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस निर्णय चाहिए।

संघ के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिन मांगों पर विश्वविद्यालय स्तर पर निर्णय होने हैं, उनके तत्काल आदेश जारी किए जाएं। इसके अलावा, 70 पदों के निरस्त किए जाने के मामले में कुलगुरू से अपेक्षा की गई कि वे कर्मचारियों के पक्ष में खड़े होकर शासन से आदेश रद्द कराने के लिए पत्राचार करें। वहीं, धरने के समर्थन में आए विश्वविद्यालय के अधिकारियों पर कुलगुरू की नाराजगी सामने आई है।

कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अजय झारिया ने बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन को 17 सूत्रीय मांगों का पत्र सौंपा गया था, और इस पर चर्चा करने के लिए प्रभारी कुलसचिव धरना स्थल पर आए थे। हालांकि, उन्होंने किसी भी बिंदु पर ठोस निर्णय लेने की बजाय केवल आश्वासन दिया, जिसके कारण संघ को धरना जारी रखने के लिए मजबूर होना पड़ा। झारिया ने बताया कि कुछ दिन पहले भी विश्वविद्यालय के कर्मचारियों ने धरना दिया था, जिस पर प्रशासन ने 15 दिन का समय मांगा था और आंदोलन समाप्त करवा दिया था, लेकिन अब तक उनकी मांगों पर कोई फैसला नहीं हो पाया है। संघ अध्यक्ष ने कहा कि इस बार आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक कागज पर ठोस निर्णय नहीं हो जाते।

झारिया ने यह भी कहा कि 70 पदों के निरस्त किए जाने का मामला विश्वविद्यालय और कर्मचारियों के भविष्य से जुड़ा है, और प्रशासन इस मुद्दे को हल्के में ले रहा है, जो कि ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि इस मामले में ढुलमुल रवैया स्वीकार्य नहीं है, और विश्वविद्यालय के हित में सभी को एकजुट होकर काम करना होगा।

धरने में पूर्व प्रांताध्यक्ष बंशबहोर पटेल, महासचिव सुखदीन कटारे, अनिल धनगर, बैसाखू मांझी, संजय यादव, रामसजीवन सोंधिया, तीरथलाल बर्मन सहित कई अन्य कर्मचारी उपस्थित थे। इसके अलावा, परिसंघ के महासचिव मुक्तेश्वर राव और नगर निगम से जुड़े साथियों ने भी धरने में समर्थन दिया।

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