Jabalpur News: डिजिटल अरेस्ट कर रिटायर्ड शिक्षिका से 70 लाख की मांग, पुलिस की सूझबूझ से बची बड़ी ठगी

दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। शहर के बाई का बगीचा इलाके में रहने वाली रिटायर्ड महिला शिक्षिका अमिता ग्रेबियल को साइबर ठगों ने एटीएस अधिकारी बनकर तीन दिन तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखा और पुलवामा आतंकी लिंक का डर दिखाकर उनसे ₹70 लाख की मांग की। हालांकि, समय रहते पुलिस की मदद मिलने से बड़ी ठगी टल गई और बुजुर्ग दंपती सुरक्षित बच गए।

घटना 6 दिसंबर की है, जब शिक्षिका के मोबाइल पर एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को एटीएस अधिकारी बताया और कहा कि उनके बैंक खाते से पुलवामा हमले से जुड़े एक नेटवर्क में ₹70 करोड़ का लेन-देन हुआ है। ठगों ने आरबीआई और एटीएस जांच का हवाला देकर महिला को मानसिक रूप से डरा दिया।

कुछ देर बाद महिला को वीडियो कॉल पर जोड़कर ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर लिया गया। उनके मोबाइल पर ‘Signal’ ऐप डाउनलोड करवाया गया और एक फर्जी एटीएस ग्रुप में जोड़ा गया, जहां अलग-अलग नामों से नकली अधिकारी मौजूद थे। तीन दिन तक महिला और उनके पति को घर से बाहर निकलने, यहां तक कि पर्दा खोलने-बंद करने तक के लिए अनुमति लेनी पड़ रही थी।

ठगों ने दावा किया कि केस से नाम हटाने के लिए महिला को ₹70 लाख देने होंगे और इसके लिए उन्हें अपनी एफडी तोड़कर आरबीआई के बताए गए खाते में पैसा जमा करने को कहा गया। धमकियों से इतना भय पैदा कर दिया गया कि बुजुर्ग दंपती हर छोटी बात के लिए भी ठगों से इजाजत लेते थे।

मामले की जानकारी मिलते ही एएसपी जितेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे और महिला के रिश्तेदार बनकर ठग से बात की। उन्होंने कहा, “हम आपके पिताजी बोल रहे हैं, चेहरा तो दिखाओ।” इतना सुनते ही ठग घबरा गए और तुरंत कॉल काट दी।

एएसपी ने बताया कि समय रहते पुलिस तक मामला पहुंचने से न तो महिला को आर्थिक नुकसान हुआ और न ही कोई अनहोनी हुई। पुलिस साइबर ठगों की तलाश में जुटी है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।

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