दैनिक सांध्य बन्धु (एजेंसी) मुंबई। AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने मुंबई में एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। ओवैसी ने कहा कि अगर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प वेनेजुएला में सैन्य कार्रवाई कर वहां के राष्ट्रपति को गिरफ्तार कर अमेरिका ले जा सकते हैं, तो भारत सरकार 26/11 जैसे आतंकी हमलों के गुनहगारों को क्यों नहीं भारत लाकर सजा दिलाती।
ओवैसी ने प्रधानमंत्री मोदी का नाम लेते हुए कहा कि 26/11 आतंकी हमले के आरोपी चाहे मसूद अजहर हो या लश्कर-ए-तैयबा के अन्य आतंकी, अगर 56 इंच का सीना है तो उन्हें उठाकर भारत लाया जाए। उन्होंने कहा कि जब ट्रम्प ऐसा कर सकते हैं तो मोदी सरकार को भी ऐसा करना पड़ेगा, क्योंकि खुद प्रधानमंत्री ने “अबकी बार ट्रम्प सरकार” का नारा दिया था।
AIMIM चीफ ने अपने बयान में वेनेजुएला का जिक्र करते हुए कहा कि 2 जनवरी की रात अमेरिकी सैनिकों ने वहां कार्रवाई कर राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में लिया। इसी घटना का हवाला देते हुए ओवैसी ने भारत सरकार की आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई पर सवाल खड़े किए।
ओवैसी ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब अमेरिका ने किसी देश पर सैन्य कार्रवाई कर वहां के राष्ट्रपति या तानाशाह को पकड़ा हो। इससे पहले 1989 में पनामा में मैनुअल नोरिएगा और 2003 में इराक में सद्दाम हुसैन के खिलाफ भी इसी तरह की सैन्य कार्रवाई की गई थी। उन्होंने कहा कि अमेरिका अपने हितों के लिए सीधे कार्रवाई करता है, लेकिन भारत अब भी अपने सबसे बड़े दुश्मनों को सजा दिलाने में पीछे क्यों है।
ओवैसी के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई है और एक बार फिर आतंकवाद के मुद्दे पर केंद्र सरकार की रणनीति पर सवाल उठने लगे हैं।
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