दैनिक सांध्य बन्धु (एजेंसी) भोपाल। देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर की छवि पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि इंदौर को लगातार आठ बार मिले स्वच्छता अवॉर्ड फर्जी दस्तावेजों के आधार पर हासिल किए गए, जबकि जमीनी हकीकत दूषित पानी और मौतों की है।
भोपाल स्थित अपने आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिंघार ने इंदौर के दूषित जलकांड को हादसा नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्टाचार का परिणाम बताया।
ननि कमिश्नर पर गैर-इरादतन हत्या का केस, मेयर से इस्तीफे की मांग
सिंघार ने नगर निगम कमिश्नर पर गैर-इरादतन हत्या का प्रकरण दर्ज करने और इंदौर मेयर के तत्काल इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि केवल निलंबन से बात नहीं बनेगी, जिम्मेदारों पर एफआईआर जरूरी है।
मां नर्मदा का जल तक दूषित, सरकार पर संवेदनहीनता का आरोप
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि पूरा मध्य प्रदेश मां नर्मदा को पूजता है, लेकिन सरकार की नाकामी ने नर्मदा जल तक को दूषित कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार धर्म और हिंदू–मुस्लिम की राजनीति में उलझी रही, जबकि नागरिकों के संवैधानिक अधिकार—स्वच्छ पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा—पूरी तरह उपेक्षित रहे।
दूषित पानी में मिले मल के बैक्टीरिया, 2 हजार लोग प्रभावित
भागीरथपुरा का जिक्र करते हुए सिंघार ने बताया कि करीब 2 हजार लोग दूषित पानी से प्रभावित हुए हैं। सरकारी जांच में ऐसे बैक्टीरिया पाए गए हैं, जो मल में मौजूद होते हैं। उन्होंने सवाल उठाया क्या सरकार लोगों को मल-मिला पानी पिला रही थी?
फर्जी टेंडर और भुगतान का खेल, 125 करोड़ के घोटाले का आरोप
सिंघार ने आरोप लगाया कि पिछले ढाई साल से पाइपलाइन का काम कमीशन के चक्कर में लटका रहा।
उन्होंने सवा सौ करोड़ रुपए के फर्जी टेंडर और बिलों का आरोप लगाते हुए कहा कि एक दिन में 5-5 किलोमीटर सीवेज लाइन डालने के दावे किए गए, जो असंभव हैं, फिर भी भुगतान हुआ।
पीड़ितों से मिलने रोका गया, पुलिस छावनी में बदले इलाके
नेता प्रतिपक्ष ने प्रशासन पर निष्पक्षता खत्म होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब वे और कांग्रेस नेता पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे, तो इलाकों को पुलिस छावनी में बदल दिया गया। सवाल उठाया कि क्या सरकार मौतों के आंकड़े और मुआवजे की सच्चाई छिपाना चाहती है?
सीएम और मंत्रियों पर भी सीधा हमला
सिंघार ने मेयर, नगरीय प्रशासन मंत्री और मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि कुर्सी के साथ जिम्मेदारी भी आती है। उन्होंने सवाल किया—इतनी मौतों के बाद भी क्या कोई आत्ममंथन नहीं करेगा?
कई इलाकों में हालात गंभीर, PH लेवल 9 से ऊपर
सिंघार ने दावा किया कि कनाडिया, भूरी टेकरी, आजाद नगर, खजराना, कृष्णबाग और बर्फानी धाम सहित कई इलाकों में हालात बेहद खराब हैं। टैंकर से सप्लाई हो रहे पानी का PH लेवल 9 से अधिक है, जिससे किडनी संबंधी गंभीर बीमारियां बढ़ रही हैं। बोरिंग के पानी में भी सीवेज मिल चुका है।
पूरे एमपी में वॉटर ऑडिट की मांग
नेता प्रतिपक्ष ने इंदौर के साथ-साथ भोपाल समेत पूरे प्रदेश में वॉटर ऑडिट कराने की मांग की।
उन्होंने जनता से अपील की कि नगर निगम के भरोसे न रहें, अपने नल और बोरिंग के पानी की जांच खुद कराएं।
2 करोड़ मुआवजे की मांग, बोले– यह इंसानियत की हत्या है
सिंघार ने मृतकों के परिजनों को 2 करोड़ रुपए मुआवजा देने की मांग करते हुए कहा कि यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि इंसानियत की हत्या है।
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