दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। शहर के सुव्यवस्थित, सुरक्षित और नियोजित विकास की दिशा में नगर निगम ने बड़ी पहल की है। निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार ने स्पष्ट किया है कि अवैध कॉलोनी निर्माण कर आम नागरिकों की मेहनत की कमाई से धोखाधड़ी करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। इसी कड़ी में प्रारंभिक चरण में 5 अवैध कॉलोनाइजरों को नोटिस जारी किए गए हैं, जिनके जवाब संतोषजनक न होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
निगमायुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी अवैध कॉलोनियों में जमीन-मकान के क्रय-विक्रय पर रोक लगा दी गई है। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अवैध कॉलोनी में खरीद-फरोख्त न करें, ताकि भविष्य में किसी तरह की कानूनी या सुविधाजनक समस्या से बचा जा सके।
नागरिकों के हितों की सुरक्षा प्राथमिकता
निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार ने कहा कि अवैध कॉलोनियों में सड़क, नाली, बिजली और अन्य मूलभूत सुविधाओं के अभाव में लोगों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए नगर निगम ने त्रि-स्तरीय रणनीति अपनाई है।
इसके अंतर्गत अवैध कॉलोनी विकसित करने वालों के विरुद्ध तत्काल नोटिस और एफआईआर दर्ज करने, अवैध निर्माण को हटाने तथा जिला पंजीयक व संबंधित एसडीएम को सूचित कर रजिस्ट्री व नामांतरण पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि निगम का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि शहर का विस्तार नियमानुसार हो और नागरिकों को सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। अवैध कॉलोनियों पर प्रभावी रोक से शहर के नियोजित विकास को गति मिलेगी।
इन कॉलोनाइजरों को जारी हुआ नोटिस
निगमायुक्त ने बताया कि जिन कॉलोनाइजरों को नोटिस जारी किए गए हैं, उनमें ध्रुव भोला पिता संजय नेमा – खमरिया रांझी, रूपेश तिवारी पिता अनंत राम तिवारी – परसवाड़ा, रामानुज तिवारी पिता शंकर गोस्वामी – जिलहरी, विष्णु कुशवाहा पिता साजिद कुरैशी – अमखेरा, विजय मोहन दुबे – गढ़ा, महेश चन्द्रौल/अरविन्द चन्द्रौल, प्रकाश चंद, प्रदीप कुमार – ओरिया क्षेत्र
शामिल हैं, जिन पर अवैध कॉलोनी निर्माण के आरोप हैं।
इस समीक्षा बैठक में अपर आयुक्त अरविंद शाह, देवेंद्र सिंह चौहान एवं प्रभारी कॉलोनी सेल सुनील दुबे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
