दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। बरेला क्षेत्र से दिल दहला देने वाली घटनाएं सामने आई है, जहां एक ही स्कूल में पढ़ने वाली दो नाबालिग छात्राओं ने अलग-अलग कारणों से घर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। एक छात्रा कथित तौर पर छेड़खानी से परेशान थी, जबकि दूसरी छात्रा पिता की डांट से आहत होकर यह कदम उठाने को मजबूर हुई।
युवक की प्रताड़ना झेल रही थी किशोरी
बरेला क्षेत्र के अंतर्गत रहने वाली 15 वर्षीय छात्रा पिछले दो महीनों से एक युवक की प्रताड़ना झेल रही थी। परिजनों के अनुसार, गाड़रखेड़ा गांव निवासी प्रिंस ठाकुर छात्रा को लगातार परेशान करता था। वह स्कूल जाते समय रास्ते में रोककर बाइक पर बैठने का दबाव बनाता, फोन कर मिलने के लिए कहता और पीछा करता था। छात्रा ने इस बारे में अपने पिता को बताया था।
पिता ने आरोपी युवक के पिता से शिकायत भी की थी, जिस पर यह आश्वासन दिया गया था कि आगे से ऐसी हरकत नहीं होगी। इसके बावजूद कथित तौर पर परेशानियां जारी रहीं। शुक्रवार शाम स्कूल से लौटने के बाद छात्रा काफी गुमसुम थी। खाना खाने के बाद वह अपने कमरे में चली गई। देर रात जब मां ने दरवाजा खटखटाया और अंदर से कोई जवाब नहीं मिला, तो परिवार और पड़ोसियों की मदद से दरवाजा तोड़ा गया। अंदर छात्रा फांसी पर लटकी मिली। सूचना पर पहुंची बरेला थाना पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। छात्रा की आत्महत्या के बाद आज शनिवार को परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित लोगों ने बरेला थाने का घेराव किया और आरोपी युवक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। कुछ समय के लिए सड़क पर चक्काजाम की स्थिति भी बनी, जिसे पुलिस ने समझाइश देकर शांत कराया।
इसी क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 9 में रहने वाली एक अन्य 15 वर्षीय छात्रा ने भी फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस पूछताछ में परिजनों ने बताया कि छात्रा ने मां के पास रखे 500 रुपये निकाल लिए थे। शाम को जब इसकी जानकारी पिता को लगी, तो उन्होंने छात्रा को डांटते हुए दोबारा ऐसी गलती न करने की समझाइश दी। बताया जा रहा है कि डांट के बाद छात्रा चुपचाप रही और देर रात अपने कमरे में फांसी लगा ली। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की।
जांच में जुटी पुलिस, दोषियों पर होगी कार्रवाई
दो नाबालिग छात्राओं की आत्महत्या ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं-छेड़खानी जैसे मामलों में समय पर सख्त कार्रवाई क्यों नहीं हो पाती और किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर समाज कितना संवेदनशील है? पुलिस का कहना है कि दोनों मामलों की निष्पक्ष जांच की जा रही है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।

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