यूपी SIR ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी: हर पांचवां मतदाता बाहर, 2.89 करोड़ नाम कटे

दैनिक सांध्य बन्धु (एजेंसी) लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत मतदाता सूची की ड्राफ्ट लिस्ट जारी कर दी गई है। इस ड्राफ्ट सूची में राज्य के कुल 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम काटे गए हैं, जो कुल मतदाताओं का लगभग 18 प्रतिशत है। पहले प्रदेश में 15.44 करोड़ मतदाता दर्ज थे, लेकिन अब यह संख्या घटकर 12.55 करोड़ रह गई है। यानी हर पांचवां वोटर फिलहाल सूची से बाहर हो गया है।

राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी कि हटाए गए नामों में 46.23 लाख मृत मतदाता, 2.17 करोड़ स्थानांतरित (शिफ्टेड) मतदाता और 25.47 लाख डुप्लीकेट नाम शामिल हैं। ड्राफ्ट सूची सभी 75 जिलों में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को उपलब्ध करा दी गई है और आम मतदाता भी चुनाव आयोग की वेबसाइट और ECINET मोबाइल ऐप के जरिए अपना नाम जांच सकते हैं।

जिलों के आंकड़ों की बात करें तो लखनऊ में सबसे ज्यादा करीब 12 लाख मतदाताओं के नाम कटे हैं, जो लगभग 30 प्रतिशत है। वहीं ललितपुर में सबसे कम करीब 95 हजार यानी लगभग 10 प्रतिशत नाम हटाए गए हैं। शहरी इलाकों में नाम कटने की दर अधिक रही है, जिसका कारण बीएलओ सर्वे के दौरान लोगों का घर पर उपलब्ध न होना और माइग्रेशन बताया गया है।

जिन मतदाताओं का नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं है, वे 6 फरवरी 2026 तक दावा और आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6, नाम हटवाने के लिए फॉर्म-7 और विवरण में सुधार या स्थान परिवर्तन के लिए फॉर्म-8 भरा जा सकता है। विदेश में रहने वाले भारतीय मतदाताओं के लिए फॉर्म-6A का प्रावधान है। यह सभी फॉर्म मुफ्त हैं और ऑनलाइन तथा ऑफलाइन दोनों माध्यमों से भरे जा सकते हैं। सहायता के लिए चुनाव आयोग ने 1950 हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है।

चुनाव आयोग के अनुसार 6 जनवरी से 6 फरवरी 2026 तक दावा-आपत्ति की अवधि रहेगी। इसके बाद 27 फरवरी तक सभी दावों और आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा और 6 मार्च 2026 को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि ड्राफ्ट सूची में शामिल नाम भी यदि आपत्ति के बाद गलत पाए गए तो उन्हें अंतिम सूची से हटाया जा सकता है।

ड्राफ्ट सूची जारी होने के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं। कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र पर हमला बताते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि समाजवादी पार्टी ने कहा है कि वह अपने वोटरों के नाम कटने नहीं देगी और पूरी सतर्कता के साथ इस प्रक्रिया पर नजर रखेगी। आयोग ने सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे समय रहते अपना नाम जांचें और आवश्यक होने पर निर्धारित समय सीमा में फॉर्म भरकर अपने अधिकार का संरक्षण करें।

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