दैनिक सांध्य बन्धु (एजेंसी) भोपाल/सूरत। देशभर की पुलिस के लिए करीब दो दशक से सिरदर्द बना भोपाल का कुख्यात अपराधी आबिद अली उर्फ राजू उर्फ ‘रहमान डकैत’ आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया। सूरत क्राइम ब्रांच ने गुप्त ऑपरेशन के तहत लालगेट इलाके से उसे बिना गोली चलाए दबोच लिया।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी भोपाल के कुख्यात ‘ईरानी डेरा’ से देशभर में संगठित अपराध का नेटवर्क चला रहा था। वह 14 राज्यों में सक्रिय अलग-अलग गिरोहों का सरगना बताया जा रहा है। आरोपी नकली CBI अधिकारी, साधु-बाबा का वेश धारण कर लूट, ठगी, हिंसक वारदात और जिंदा जलाने के प्रयास जैसे गंभीर अपराधों में शामिल रहा है। महाराष्ट्र में उस पर MCOCA जैसे सख्त कानून के तहत भी केस दर्ज हैं।
महिलाओं-बच्चों को ढाल बनाकर भागता था
जब भी पुलिस दबिश देती, गैंग घर की महिलाओं और बच्चों को आगे कर देता और मुख्य आरोपी पीछे के रास्तों से फरार हो जाता था। दिसंबर में भोपाल पुलिस ने 150 जवानों के साथ कॉम्बिंग की थी, तब भी वह बच निकला था।
लूट के पैसों से लग्जरी जिंदगी
राजू ईरानी और उसका भाई जाकिर अली लूट के पैसों से लग्जरी कारें, महंगी स्पोर्ट्स बाइक और अरबी घोड़े पालने का शौक रखते थे। इलाके में उनका रुतबा किसी ‘डॉन’ जैसा था।
सूचना देने वालों पर जानलेवा हमले
पुलिस के अनुसार, गैंग की जानकारी देने वालों को धमकाया जाता था। एक मामले में मुखबिर को परिवार सहित घर में बंद कर जिंदा जलाने की कोशिश भी की गई थी।
कॉरपोरेट स्टाइल में चलता था गैंग
आरोपी अपने गैंग को कॉरपोरेट की तरह चलाता था। सदस्य पकड़े जाते तो जमानत, वकील और परिवार की जिम्मेदारी वही उठाता, बदले में हर वारदात में उसका बड़ा हिस्सा तय रहता।
2006 से अपराध की शुरुआत
राजू ईरानी के खिलाफ पहला मामला 2006 में भोपाल में दर्ज हुआ था। इसके बाद अपहरण, हमले और आर्म्स एक्ट समेत कई गंभीर केस दर्ज हुए। पुणे, भिवंडी और कोलकाता तक उसकी आपराधिक गतिविधियां फैली रहीं।
