दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा करीब 400 करोड़ रुपये की लागत से विस्तारित और आधुनिक बनाए गए जबलपुर के डुमना एयरपोर्ट से अब भी सीमित उड़ानें संचालित हो रही हैं। अत्याधुनिक सुविधाओं और बढ़ी हुई क्षमता के बावजूद बड़े शहरों के लिए नई फ्लाइट्स शुरू नहीं होने से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
रनवे और टर्मिनल क्षमता बढ़ी, लेकिन उड़ानों में मामूली वृद्धि
एयरपोर्ट विस्तार से पहले रनवे की लंबाई करीब 1998 मीटर थी, जिसे बढ़ाकर अब 2750 मीटर कर दिया गया है। टर्मिनल की यात्री क्षमता भी 150 से बढ़ाकर 800 यात्रियों तक कर दी गई है। इससे अब एयरबस A-320 जैसे बड़े विमान भी आसानी से उतर सकते हैं। इसके बावजूद उड़ानों की संख्या में अपेक्षित वृद्धि नहीं हो सकी है।
बड़े शहरों के लिए अब भी सीमित कनेक्टिविटी
वर्तमान में जबलपुर से केवल दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, इंदौर, बेंगलुरु, बिलासपुर और जगदलपुर के लिए ही उड़ानें उपलब्ध हैं। विस्तार से पहले भी लगभग छह प्रमुख शहरों के लिए फ्लाइट्स संचालित होती थीं, जबकि विस्तार के बाद केवल एक शहर की बढ़ोतरी हुई है।
अन्य शहरों की तुलना में जबलपुर पीछे
हवाई सेवाओं के मामले में जबलपुर की तुलना अन्य शहरों से करने पर स्थिति कमजोर दिखाई देती है।
इंदौर से करीब 20 शहरों के लिए 40–50 उड़ानें
भोपाल से 13 शहरों के लिए लगभग 60 उड़ानें
ग्वालियर से भी पर्याप्त उड़ानें संचालित
इसके मुकाबले जबलपुर में सीमित उड़ानें यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं।
भोपाल और प्रयागराज के लिए उड़ानों की मांग अधूरी
पिछले वर्ष जबलपुर से भोपाल और प्रयागराज के लिए उड़ानें शुरू करने की चर्चा हुई थी और इसके लिए यात्रियों की मांग भी अधिक थी। हालांकि अब तक इन रूट्स पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है, जिससे यात्रियों को मजबूरी में ट्रेन या अन्य साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है।
यात्रियों की संख्या बढ़ी, लेकिन सुविधाओं का पूरा लाभ नहीं
एयरपोर्ट विस्तार के समय दावा किया गया था कि इससे पर्यटन, उद्योग, निवेश और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। लेकिन सीमित उड़ानों के कारण इन दावों का अपेक्षित प्रभाव अभी तक दिखाई नहीं दे रहा है।
एयरपोर्ट प्रशासन ने शासन स्तर पर निर्णय को बताया आवश्यक
एयरपोर्ट डायरेक्टर राजीव रत्न पांडे के अनुसार, वर्तमान में सात शहरों के लिए उड़ानें संचालित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट के पास अतिरिक्त उड़ानों को संभालने की पूरी क्षमता है, लेकिन नए रूट शुरू करने के लिए शासन स्तर पर निर्णय आवश्यक है।
Tags
jabalpur
