दैनिक सांध्य बन्धु (एजेंसी) नई दिल्ली। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बुधवार को लोकसभा में कोई अप्रत्याशित घटना हो सकती थी, इसी आशंका के कारण उन्होंने प्रधानमंत्री से सदन में न आने का आग्रह किया और उनकी स्पीच टाल दी गई। प्रधानमंत्री को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देना था, लेकिन विपक्ष के हंगामे और सुरक्षा को लेकर चिंताओं के चलते कार्यवाही स्थगित कर दी गई।
न्यूज एजेंसी ANI के सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस द्वारा प्रधानमंत्री पर हमला करने की योजना बनाए जाने की आशंका जताई गई थी और महिला सांसदों को आगे कर प्रधानमंत्री की सीट तक पहुंचने की कोशिश की गई। इसी स्थिति को देखते हुए स्पीकर ने एहतियात के तौर पर सदन स्थगित करने का फैसला लिया।
बुधवार शाम करीब 5 बजे जब सदन की कार्यवाही शुरू हुई, तब विपक्ष की महिला सांसदों ने प्रधानमंत्री सहित सत्ताधारी नेताओं की सीटों का घेराव कर लिया। उनके हाथों में बैनर और पोस्टर थे और वे निलंबित किए गए विपक्षी सांसदों के विरोध में प्रदर्शन कर रही थीं। हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही अगले दिन तक स्थगित कर दी गई, जिससे प्रधानमंत्री का संबोधन नहीं हो सका।
स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि इस तरह पोस्टर लेकर सदन में आना और प्रधानमंत्री की सीट तक पहुंचना सदन की गरिमा के अनुकूल नहीं है। उन्होंने कहा कि लोकसभा के इतिहास में इस तरह की घटना पहले कभी नहीं हुई और ऐसी स्थिति में कोई अप्रत्याशित घटना हो सकती थी।
गुरुवार को हंगामे के बीच धन्यवाद प्रस्ताव पास कर दिया गया। यह 2004 के बाद पहली बार हुआ जब धन्यवाद प्रस्ताव प्रधानमंत्री के भाषण के बिना ही पारित हुआ। इस दौरान विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तनाव बना रहा और स्पीकर को कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी।
इसी बीच राहुल गांधी संसद में पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे की एक अप्रकाशित किताब लेकर पहुंचे और कहा कि यदि प्रधानमंत्री सदन में आते तो वे उन्हें यह किताब सौंपते। उन्होंने दावा किया कि किताब में प्रधानमंत्री और सेना प्रमुख के बीच हुई बातचीत का उल्लेख है, जिसे सरकार नकार रही है।
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