दैनिक सांध्य बन्धु (एजेंसी) नई दिल्ली। 15 फरवरी को देशभर में महाशिवरात्रि का पर्व श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाएगा। इस दिन भगवान शिव की विशेष पूजा की जाती है और रात को चार प्रहर में शिवलिंग का अभिषेक और पूजन किया जाता है। शिवरात्रि के पूजा मुहूर्त शाम 6:20 बजे से शुरू होंगे और पूरी रात श्रद्धालु भगवान शिव की आराधना करेंगे। मंदिरों के साथ-साथ घरों में भी भक्त वैदिक विधि से पूजा कर सकेंगे। उज्जैन के महाकाल मंदिर के पुजारी द्वारा बताई गई विधि के अनुसार श्रद्धालु घर पर भी सरल तरीके से पूजा कर सकते हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार महाशिवरात्रि का व्रत बहुत पवित्र माना जाता है। इस दिन श्रद्धालुओं को सूर्योदय से पहले उठकर गंगाजल और काले तिल मिलाकर स्नान करना चाहिए और भगवान शिव की पूजा कर व्रत का संकल्प लेना चाहिए। व्रत के दौरान अन्न का सेवन नहीं किया जाता है। कुछ लोग निर्जला व्रत रखते हैं, जबकि अन्य श्रद्धालु फल, दूध और पानी लेकर व्रत का पालन करते हैं। व्रत के दिन सत्य बोलना, विवाद से दूर रहना और सुबह-शाम शिव मंदिर जाकर दर्शन करना विशेष फलदायी माना गया है।
शिव पुराण के अनुसार महाशिवरात्रि शिव-पार्वती विवाह का नहीं, बल्कि शिवलिंग के पहली बार प्रकट होने का दिन है। फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को भगवान शिव अनंत ज्योतिर्लिंग के रूप में प्रकट हुए थे। उस समय भगवान विष्णु और ब्रह्मा ने शिवलिंग की पूजा की थी। इसी घटना की स्मृति में महाशिवरात्रि मनाई जाती है। विद्वानों के अनुसार शिवलिंग में शिव और शक्ति दोनों का स्वरूप समाहित होता है, इसलिए इस पर्व को शिव-शक्ति के मिलन का प्रतीक भी माना जाता है। इस दिन विधि-विधान से पूजा करने से भक्तों को सुख, शांति और मनोकामना पूर्ण होने का आशीर्वाद मिलता है।
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