दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। जबलपुर की वरिष्ठ डॉक्टर हेमलता श्रीवास्तव के साथ अमानवीय व्यवहार का मामला सामने आया है। रेस्क्यू के बाद खुद डॉ. हेमलता ने बताया कि उन्हें जान-बूझकर भूखा रखा गया। हालात ऐसे थे कि दिनभर में पीने के लिए सिर्फ तीन चम्मच पानी दिया जाता था। उन्होंने कहा कि बार-बार भूख लगने की बात कहती रहीं, खाना मांगा, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं था। एक दिन जब सात चम्मच पानी मिला तो उन्हें एहसास हुआ कि वह तीन से ज्यादा चम्मच पानी भी पी सकती हैं।
डॉ. हेमलता ने बताया कि जीवन में कभी इस तरह भूखी नहीं रहीं। तीजा जैसे व्रत के अलावा उन्होंने कभी खाना नहीं छोड़ा, लेकिन यहां उन्हें जान-बूझकर भूखा रखा गया। खाना मिलने पर खाने की इच्छा थी, लेकिन खाना कभी दिया ही नहीं गया। इस अमानवीय व्यवहार के पीछे उनकी करोड़ों की संपत्ति हड़पने की साजिश की आशंका जताई जा रही है।
मामले की जानकारी मिलने पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने कलेक्टर को लिखित शिकायत दी। प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद डॉ. हेमलता को निजी अस्पताल से मेडिकल कॉलेज शिफ्ट किया गया, जहां डॉक्टरों की टीम 24 घंटे उनकी निगरानी कर रही है। उनकी हालत नाजुक बनी हुई है और उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है।
जानकारी के मुताबिक, डॉ. हेमलता को उसके घर से मेडिकल कॉलेज के लिए रेस्क्यू किया गया। इससे पहले उनकी बहन उन्हें एक निजी अस्पताल से घर ले आई थी। बाद में आईएमए की टीम ने मौके पर पहुंचकर उन्हें घर से रेस्क्यू कर मेडिकल कॉलेज भिजवाया।
डॉ. हेमलता का 12 जनवरी को 81वां जन्मदिन मनाया गया था, जिसका वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में डॉ. सुमित जैन और उनकी पत्नी प्राची जैन के साथ उनका केक कटवाया जा रहा है। आरोप है कि 13 जनवरी तक वह स्वस्थ थीं, लेकिन 14 जनवरी को अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्हें घर के सामने स्थित मुखर्जी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से उनकी हालत और बिगड़ती चली गई। इसी दौरान उनके हाथ में अल्सर भी हो गया।
अब यह मामला गंभीर सवाल खड़े कर रहा है कि आखिर एक बुजुर्ग डॉक्टर के साथ इतना अमानवीय व्यवहार क्यों किया गया और क्या वाकई उनकी संपत्ति हड़पने के लिए उन्हें भूखा-प्यासा रखकर मारने की साजिश रची गई। पुलिस और प्रशासन की जांच से ही पूरे सच का खुलासा हो सकेगा।
