दैनिक सांध्य बन्धु (एजेंसी) इंदौर। भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से हुई 32 मौतों को लेकर कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता और सोशल मीडिया अध्यक्ष सुप्रिया श्रीनेत ने केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। इंदौर पहुंचीं सुप्रिया श्रीनेत ने इस घटना को प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की नाकामी बताया।
मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार ‘विकसित भारत’ के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में लोग जहरीला पानी पीने को मजबूर हैं और अपनी जान गंवा रहे हैं। यदि सरकार नागरिकों को साफ पानी जैसी बुनियादी सुविधा तक नहीं दे पा रही, तो विकास के दावे खोखले हैं।
उन्होंने जल जीवन मिशन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इस योजना के लिए 68 हजार करोड़ रुपए का बजट तय किया गया था, लेकिन अब तक सिर्फ 17 हजार करोड़ रुपए ही खर्च किए गए हैं। सरकार जमीनी जरूरतों पर काम करने के बजाय कागजी योजनाओं में उलझी हुई है। इंदौर जैसी घटनाएं पहले नोएडा और गुजरात में भी हो चुकी हैं, लेकिन सिस्टम ने उनसे कोई सबक नहीं लिया।
सुप्रिया श्रीनेत ने इंदौर की सड़कों पर लोगों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और कहा कि जब तक पीड़ितों को न्याय नहीं मिलेगा और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने इस मामले में तीन प्रमुख मांगें रखीं—भागीरथपुरा क्षेत्र के विधायक तत्काल इस्तीफा दें, जिन अधिकारियों की निगरानी में यह लापरवाही हुई उन पर हत्या का मामला दर्ज किया जाए और जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिवार को एक-एक करोड़ रुपए का मुआवजा दिया जाए।
उन्होंने कहा कि देश के सबसे स्वच्छ शहर की छवि पर इस घटना ने गहरा दाग लगाया है। एक ही इलाके में एक साथ इतनी मौतें नगर निगम और पीएचई विभाग की गंभीर लापरवाही को उजागर करती हैं। कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर सड़क से लेकर सदन तक सरकार को घेरने की तैयारी में है।
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