दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। शहर में महिला संबंधी अपराध के एक मामले ने तूल पकड़ लिया है, जहां पीड़िता ने भाजपा के पूर्व नगर अध्यक्ष जीएस ठाकुर पर शिकायत वापस लेने के लिए धमकाने और दबाव बनाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत सौंपकर पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
पीड़िता का आरोप है कि घमापुर थाना में दर्ज शारीरिक शोषण के मामले में आरोपी ललित के खिलाफ कार्रवाई के बजाय उसे ही थाने में अपमानित किया गया। उसने बताया कि थाना परिसर में उसके साथ अभद्र व्यवहार किया गया, जबकि आरोपी को थाना प्रभारी के कक्ष में बैठाकर उसे समझौता करने और शिकायत वापस लेने के लिए दबाव बनाया गया। पीड़िता का कहना है कि इस पूरे घटनाक्रम की रिकॉर्डिंग थाने में लगे सीसीटीवी कैमरों में मौजूद है।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि उसके निवास पर लगातार अलग-अलग लोगों को भेजकर उसे और उसके परिवार को डराया-धमकाया जा रहा है। आरोप है कि आरोपी पक्ष अपने प्रभाव और संपर्कों का इस्तेमाल कर मामले की जांच को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है।
इस मामले में पीड़िता का साथ दे रहे साईं पिल्ले ने पत्रकारवार्ता में पूर्व नगर अध्यक्ष जीएस ठाकुर पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि समाज के कुछ तथाकथित लोग पीड़िता का साथ देने के बजाय आरोपी के पक्ष में खड़े होकर पीड़िता और उसके समर्थकों को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।
पिल्ले ने कहा कि वे केवल पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए सहयोग कर रहे हैं, लेकिन इसके कारण उन पर बेबुनियाद आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि पीड़िता और उसके परिवार ने 7 मार्च को उनसे मिलकर पूरी घटना की जानकारी दी थी।
साईं पिल्ले ने आरोप लगाया कि जीएस ठाकुर ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए कई विवादित संपत्तियों के सौदे कराए हैं। उन्होंने रांझी तहसील क्षेत्र में “जीएसबी ड्रीम” नामक अवैध प्लॉटिंग का भी जिक्र किया। साथ ही यह भी आरोप लगाया कि ठाकुर के करीबी परिजन पूर्व में महिला संबंधी मामले में रंगेहाथ पकड़े जा चुके हैं।
