Jabalpur News: सोने की बढ़ती कीमतों से सुस्त पड़ा सराफा बाजार, पीएम मोदी की अपील और बढ़े आयात शुल्क का असर, खरीदारी 40 प्रतिशत तक घटी

दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। सोने-चांदी की लगातार बढ़ती कीमतों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से फिलहाल सोने की खरीदारी टालने की अपील का असर अब सराफा बाजारों में साफ दिखाई देने लगा है। जबलपुर के प्रमुख सराफा बाजारों में ग्राहकों की संख्या में भारी कमी दर्ज की गई है। कारोबारियों के अनुसार सोने की खरीदारी में करीब 35 से 40 प्रतिशत तक गिरावट आई है।

सराफा व्यापारियों का कहना है कि पहले जहां बड़ी संख्या में ग्राहक आभूषण और गोल्ड क्वाइन खरीदने पहुंचते थे, वहीं अब अधिकतर लोग केवल दाम पूछकर लौट रहे हैं। लगातार बढ़ती कीमतों ने खासतौर पर मध्यमवर्गीय परिवारों का बजट बिगाड़ दिया है, जिससे बाजार की रौनक फीकी पड़ गई है।

आयात शुल्क बढ़ने से तेजी से बढ़े दाम

केंद्र सरकार द्वारा सोने और चांदी पर आयात शुल्क 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत किए जाने के बाद घरेलू बाजार में कीमतों में लगातार उछाल देखा जा रहा है। शनिवार को सराफा बाजार में 24 कैरेट सोने का भाव करीब 1 लाख 62 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया, जबकि 22 कैरेट सोना लगभग 1 लाख 49 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता नजर आया। वहीं चांदी की कीमत भी बढ़कर करीब 2 लाख 61 हजार रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई।

व्यापारियों के मुताबिक, दामों में इस अप्रत्याशित तेजी ने ग्राहकों की चिंता बढ़ा दी है। पहले लोग निवेश के उद्देश्य से भी सोना खरीदते थे, लेकिन अब खरीदारी केवल जरूरत तक सीमित रह गई है।

मध्यमवर्गीय परिवारों पर बढ़ा दबाव

जबलपुर के सराफा बाजारों में पिछले कुछ दिनों से ग्राहकों की भीड़ लगातार कम होती जा रही है। सामान्य दिनों में जहां दुकानों पर काफी रौनक रहती थी, अब ग्राहक हल्के और छोटे आभूषणों तक सीमित दिखाई दे रहे हैं।

कारोबारियों का कहना है कि नौकरीपेशा और मध्यमवर्गीय परिवार अब खर्च को लेकर ज्यादा सतर्क हो गए हैं। बड़े आभूषणों की खरीद लगभग रुक सी गई है और निवेशक भी बाजार की स्थिति को देखते हुए फिलहाल इंतजार की रणनीति अपना रहे हैं।

व्यापारियों के अनुसार पहले हर महीने सराफा बाजार में लगभग 200 से 250 करोड़ रुपये तक का कारोबार होता था, यानी प्रतिदिन करीब 6 से 7 करोड़ रुपये का व्यापार होता था। लेकिन मौजूदा हालात में कारोबार में करीब 40 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई है।

त्योहार और विवाह सीजन से उम्मीद

हालांकि फिलहाल बाजार की स्थिति कमजोर बनी हुई है, लेकिन सराफा कारोबारियों को उम्मीद है कि आने वाले त्योहारों और विवाह सीजन में बाजार फिर रफ्तार पकड़ सकता है। व्यापारियों का मानना है कि यदि सोने की कीमतों में स्थिरता आती है तो ग्राहकों का रुझान दोबारा बढ़ सकता है।

सरकार से व्यापारियों की मांग

कारोबारियों ने सरकार से मांग की है कि घरों में जमा पुराने सोने के उपयोग के लिए विशेष योजना बनाई जाए। व्यापारियों के अनुसार देश में लगभग 30 हजार टन पुराना सोना घरों में पड़ा हुआ है, जिसका सही उपयोग किया जा सकता है।

इसके साथ ही उन्होंने यह भी मांग उठाई कि पुराने सोने के बदले नए आभूषण बनवाने पर दोबारा जीएसटी नहीं लगाया जाए। व्यापारियों का कहना है कि सरकार को विशेषज्ञों के साथ चर्चा कर सोने में निवेश से जुड़ी नई योजनाएं तैयार करनी चाहिए, ताकि बाजार और ग्राहकों दोनों को राहत मिल सके।

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