Jabalpur News: महर्षि महेश योगी संस्थान की करोड़ों की जमीनें अवैध रूप से बेचने वाले मास्टरमाइंड जी. रामचंद्र मोहन और आकाश मालवीय गिरफ्तार

दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने महर्षि महेश योगी संस्थान की जबलपुर मानेगांव, बिलासपुर, रायपुर और नोएडा स्थित जमीनों को कथित फर्जीवाड़े से बेचने के मामले में मास्टरमाइंड जी. रामचन्द्र मोहन और आकाश मालवीय को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपितों को नई दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट की विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें ईडी की कस्टडी में भेज दिया गया।

मामला महर्षि संस्थान की संपत्तियों में बड़े पैमाने पर हुई कथित अनियमितताओं और धोखाधड़ी से जुड़ा है। संस्थान द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट की न्यायमूर्ति जेके माहेश्वरी और न्यायमूर्ति अतुल चन्दोरकर की बेंच ने उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव की निगरानी में एसआईटी गठित करने के निर्देश दिए थे। जांच में सामने आया कि भू-माफियाओं ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए संस्थान की करोड़ों रुपये मूल्य की जमीनों को बेचकर भारी आर्थिक गड़बड़ी की।

ईडी ने 14 और 15 मई 2026 को की गई तलाशी कार्रवाई के बाद दोनों आरोपितों को गिरफ्तार किया। एजेंसी ने इस मामले में कथित मिलीभगत पाए जाने पर मेसर्स सिंहवाहिनी इंफ्रा प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड और उसके डायरेक्टर्स के बैंक खातों व चल संपत्तियों को फ्रीज करने के आदेश भी जारी किए हैं।

जांच एजेंसियों के अनुसार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में इस मामले से जुड़ी कई एफआईआर दर्ज हैं। इनमें धोखाधड़ी, जालसाजी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और आपराधिक विश्वासघात जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।

ईडी की जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपितों ने सैकड़ों करोड़ रुपये मूल्य की ट्रस्ट संपत्तियों को गैर-कानूनी तरीके से बेचने के लिए जाली पावर ऑफ अटॉर्नी, फर्जी बोर्ड प्रस्ताव और नकली अधिकृत पत्रों का इस्तेमाल किया। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने रजिस्ट्रार ऑफ सोसायटी की सहायता से बिना अनुमति बेची गई संपत्तियों की विस्तृत जांच कराने के निर्देश भी दिए हैं।

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