दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। सूर्य की तपिश और भीषण गर्मी के विशेष नौ दिवसीय चक्र 'नौतपा' के दूसरे दिन मंगलवार को भी संस्कारधानी में अंगारे बरसते नजर आए। सुबह से ही तीखी धूप और झुलसाने वाली गर्म हवाओं के कारण पूरा शहर भट्टी की तरह तप उठा। आसमान साफ रहने की वजह से सूर्य की सीधी किरणों ने पारे को तेजी से ऊपर चढ़ाया, जिससे दोपहर के समय आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित रहा और लोग घरों में कैद होने को मजबूर हो गए।
दोपहर ढाई बजे तक तापमान 43.2 डिग्री दर्ज
स्थानीय मौसम विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, मंगलवार दोपहर 02:30 बजे तक शहर का अधिकतम तापमान 43.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि, यह नौतपा के पहले दिन (सोमवार) के अधिकतम तापमान 43.9 डिग्री सेल्सियस से मामूली रूप से कम रहा, लेकिन तल्खी में कोई कमी महसूस नहीं की गई। मौसम विशेषज्ञों का पूर्वानुमान है कि यदि दोपहर के बाद बादलों की आवाजाही नहीं बढ़ती है, तो आने वाले दिनों में तापमान में और अधिक बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है।
हवाओं से 'लू' के थपेड़े, रात में भी राहत नहीं
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, इन दिनों रेगिस्तानी क्षेत्रों से लगातार आ रही गर्म पश्चिमी हवाओं के कारण शहर में लू (Heat Wave) का असर बेहद तेज बना हुआ है। हालांकि आसमान में कहीं-कहीं हल्के बादलों के टुकड़े जरूर दिखाई दिए, लेकिन वे इस भीषण गर्मी से राहत दिलाने में पूरी तरह नाकाम साबित हुए।
चिंता की बात यह है कि अब दिन के साथ-साथ रातें भी तपने लगी हैं। मंगलवार की सुबह न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से लगभग 2 डिग्री सेल्सियस अधिक है। मौसम वेधशाला के अनुसार, पिछले वर्ष आज ही के दिन न्यूनतम तापमान महज 24.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था, जो इस बार की भीषण गर्मी को साफ बयां कर रहा है।
दोपहर में कर्फ्यू जैसा नजारा, जरूरी होने पर ही निकले लोग
भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों के चलते दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच शहर के प्रमुख बाजारों, कॉलोनियों और आवासीय क्षेत्रों की सड़कों पर अघोषित कर्फ्यू जैसा सन्नाटा पसरा रहा। लोग केवल बेहद जरूरी या आपातकालीन काम होने पर ही पूरे बदन और सिर को ढंककर बाहर निकलते दिखाई दिए। ठंडे पेय पदार्थों, गन्ने के रस और लस्सी की दुकानों पर ही थोड़ी-बहुत चहल-पहल नजर आई।
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