पुणे पोर्श कांड: जश्न के वायरल वीडियो पर पीड़िता के पिता का फूटा गुस्सा, 'खून के बदले खून' जैसे कानून की मांग

दैनिक सांध्य बन्धु (एजेंसी) जबलपुर।
पुणे पोर्शे हादसे में जान गंवाने वाली युवती अश्विनी के पिता सुरेश कोष्टा ने आरोपी को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद गहरी नाराजगी जताई है। वायरल वीडियो में आरोपी परिवार के कथित जश्न मनाने पर उन्होंने कहा कि देश में अब अपराधियों के मन से कानून का डर खत्म हो चुका है और आम आदमी का न्याय व्यवस्था से भरोसा टूटता जा रहा है।

सुरेश कोष्टा ने कहा कि जिस परिवार पर दो लोगों की मौत का आरोप है, वही अब खुलेआम खुशी मनाता दिखाई दे रहा है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर इतनी बड़ी घटना के बाद भी आरोपी पक्ष को कोई पछतावा नहीं है, तो यह न्याय व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

उन्होंने कहा, “मेरी बेटी की जान चली गई, लेकिन आरोपी परिवार को न दुख है और न ही कानून का भय। अगर ऐसे मामलों में भी सख्त कार्रवाई नहीं होगी, तो अपराधियों के हौसले और बढ़ेंगे।”

पीड़िता के पिता ने नाबालिग कानूनों पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि मौजूदा कानून अपराधियों को बचाने का रास्ता दे रहे हैं। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से अपील करते हुए कहा कि ऐसा फैसला होना चाहिए जिससे लोगों में कानून का डर पैदा हो सके।

सुरेश कोष्टा ने बेहद भावुक अंदाज में कहा कि “जब तक भारत में मुस्लिम देशों जैसे ‘खून के बदले खून’ वाले सख्त कानून नहीं लाए जाएंगे, तब तक अपराधों पर लगाम लगाना मुश्किल होगा।” हालांकि, उनकी इस टिप्पणी को लेकर बहस भी तेज हो गई है।

उन्होंने आरोपी की जमानत रद्द करने और उसके माता-पिता पर भी सख्त कार्रवाई की मांग की। कोष्टा ने कहा कि अगर ऐसे मामलों में राहत मिलती रही, तो यह समाज के लिए गलत संदेश होगा।

दरअसल, यह मामला मई 2024 के चर्चित पुणे पोर्शे हादसे से जुड़ा है, जिसमें तेज रफ्तार लग्जरी कार ने दो लोगों को कुचल दिया था। आरोप है कि कार एक नाबालिग चला रहा था। मामले में सबूतों से छेड़छाड़ और मेडिकल रिपोर्ट बदलने के आरोप भी सामने आए थे।

हाल ही में आरोपी परिवार के कथित जश्न का वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। 

Post a Comment

Previous Post Next Post