दैनिक सांध्य बन्धु (एजेंसी) मंडला। पवित्र नर्मदा नदी के घाटों पर आस्था और सुरक्षा प्रबंधन के दावों के बीच रविवार को एक बेहद दुखद हादसा सामने आया है। यहाँ के प्रसिद्ध महिष्मति घाट पर पूर्णिमा के पावन अवसर पर नर्मदा स्नान करने आया एक युवक गहरे पानी में समा गया। घाट पर मौजूद लोगों की चीख-पुकार के बीच जब तक उसे बचाने का प्रयास किया जाता, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मृतक की पहचान पड़ोसी जिले सिवनी के निवासी के रूप में हुई है।
पूर्णिमा पर दर्शन और स्नान करने आया था परिवार
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सिवनी जिले का रहने वाला 27 वर्षीय सुरेंद्र सिंह मर्सकोले पूर्णिमा के विशेष अवसर पर नर्मदा नदी में स्नान और मां नर्मदा के दर्शन के लिए मंडला आया हुआ था। रविवार को वह अपनी आस्था की डुबकी लगाने के लिए महिष्मति घाट पहुंचा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, स्नान करते समय सुरेंद्र का पैर अचानक फिसल गया या वह गहराई का अंदाजा नहीं लगा पाया, जिससे वह देखते ही देखते तेज धार और गहरे पानी में चला गया।
पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से निकाला शव
सुरेंद्र को डूबता देख घाट पर मौजूद अन्य श्रद्धालुओं ने शोर मचाया, जिसकी सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दी गई। घटना की खबर मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस बल के साथ आनन-फानन में मौके पर पहुंची। पुलिस ने बिना वक्त गंवाए स्थानीय गोताखोरों और नागरिकों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। करीब चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद युवक के शव को नदी के गहरे पानी से बाहर निकाला जा सका। पुलिस ने घटनास्थल पर ही शव का पंचनामा तैयार किया और उसे पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है।
मामले की जांच में जुटी कोतवाली पुलिस
इस दर्दनाक हादसे के बाद मृतक के परिवार में कोहराम मच गया है। त्योहार और आस्था के माहौल के बीच युवक की असमय मौत से घाट पर मौजूद अन्य श्रद्धालु भी स्तब्ध हैं। कोतवाली पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले को जांच में ले लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हादसे के कारणों और घाट पर सुरक्षा के बिंदुओं को लेकर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
