दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। नशीले पदार्थों और अवैध तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत जबलपुर पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने बेलबाग और अधारताल थाना क्षेत्रों में मुखबिर की सटीक सूचना पर दबिश देकर नशीले इंजेक्शनों के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है।
इस कार्रवाई के दौरान कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके कब्जे से 15 लाख रुपये बाजार मूल्य के 6,600 अवैध नशीले इंजेक्शन (एविल और टॉल्जेसिक) और तस्करी में प्रयुक्त ई-रिक्शा व मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय के निर्देशन में एडिशनल एसपी अपराध जितेन्द्र सिंह, सीएसपी अधारताल सुश्री राजेश्वरी कौरव और डीएसपी अपराध उदयभान बागरी के मार्गदर्शन में इस पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
थाना बेलबाग पुलिस ने रामलीला मैदान के पास घेराबंदी कर समता कॉलोनी निवासी ई-रिक्शा चालक दुर्गा पटेल (46) को दबोचा। उसके ई-रिक्शा (MP 20 ZX 7302) से 3 कार्टून और एक सफेद बोरी में कुल 3,200 नशीले इंजेक्शन बरामद हुए। पूछताछ में दुर्गा पटेल ने खुलासा किया कि वह गाजी नगर निवासी अमजद खान के कहने पर हनुमानताल निवासी मोहम्मद आरिफ के घर से ये इंजेक्शन लेकर मदनमहल निवासी सौरभ सोनकर को सप्लाई करने जा रहा था। दुर्गा पटेल की निशानदेही पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मोहम्मद आरिफ (32) और अमजद खान (48) को हिरासत में लिया।
अमजद ने पूछताछ में बताया कि ओमती निवासी सैय्यद असरफ अली उर्फ जीजा (39) के कहने पर यह खेप मंगवाई गई थी। इसके बाद पुलिस ने सैय्यद असरफ अली को दबोचा, जिसने मदनमहल निवासी सौरभ नामदेव (45) के साथ मिलकर इस पूरे काले कारोबार को संचालित करना स्वीकार किया। सौरभ नामदेव के पास से पुलिस ने एक वीवो कंपनी का मोबाइल जब्त किया है, जिससे वह एक अज्ञात मोबाइल नंबर के धारक से संपर्क कर बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर करता था। इस मामले में मुख्य सरगना सौरभ सोनकर और सप्लायर फिलहाल फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।इसी तरह दूसरी बड़ी कार्रवाई थाना अधारताल पुलिस द्वारा की गई। थाना प्रभारी विपिन ताम्रकार के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच और पुलिस की टीम ने मिल्क स्कीम मैदान के पीछे दबिश देकर बजरंग बाड़ा निवासी गीतांशु साहू (25) को घेराबंदी कर पकड़ा। गीतांशु के पास रखी 4 प्लास्टिक की बोरियों की तलाशी लेने पर 2,300 नग एविल और 1,100 नग टॉल्जेसिक सहित कुल 3,400 नशीले इंजेक्शन बरामद हुए।
आरोपी गीतांशु ने कबूल किया कि भानतलैया निवासी कल्लू दद्दा ने उसे ये इंजेक्शन बेचने के लिए रखवाए थे। दोनों ही मामलों में पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ धारा 5/13 म.प्र. ड्रग्स कंट्रोल एक्ट और 08/21, 22, 29 एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जेल भेज दिया है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें रवाना कर दी हैं।
.jpeg)
