लखनऊ कोचिंग अग्निकांड में मौतों का आंकड़ा 15 पहुंचा: जांच के लिए पहुंची SIT, आरोपी कॉलेज संचालक समेत 4 गिरफ्तार, LDA के 4 अफसर सस्पेंड

दैनिक सांध्य बन्धु (एजेंसी) लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में एक कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग के बाद अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है। इस रोंगटे खड़े कर देने वाले हादसे के बाद मंगलवार सुबह 11 बजे विशेष जांच दल (SIT) और फोरेंसिक विभाग की टीम जांच के लिए घटनास्थल पर पहुंची। एसआईटी की इस टीम में वरिष्ठ आईपीएस प्रवीण कुमार और आईएएस अमृत अभिजात शामिल हैं, जो पूरे मामले की तकनीकी और प्रशासनिक कमियों की जांच कर रहे हैं।

शव देख मां हुई बेहोश, 7 घंटे चला पोस्टमॉर्टम

हादसे में जान गंवाने वाले छात्रों के शवों का करीब 7 घंटे तक डॉक्टरों के पैनल द्वारा पोस्टमॉर्टम किया गया, जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। पश्चिम बंगाल की रहने वाली 30 वर्षीय मृतका अनामिका का शव देखकर पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचीं उनकी मां बदहवास होकर बेहोश हो गईं। मृतकों में सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश के 11, पश्चिम बंगाल के 2, मध्य प्रदेश का 1 और हरियाणा का 1 नागरिक शामिल हैं। अधिकांश मृतकों की उम्र 20 से 30 वर्ष के बीच है, जो यहां अपने भविष्य को संवारने आए थे।

इमरजेंसी गेट गायब, छत का दरवाजा था बंद

शुरुआती पुलिस जांच में जो खुलासे हुए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले और प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करने वाले हैं। बिल्डिंग में आग से बचने के लिए कोई फायर सेफ्टी के इंतजाम नहीं थे और न ही कोई इमरजेंसी एग्जिट (निकासी द्वार) था। सबसे बड़ी लापरवाही यह रही कि छत पर जाने वाला दरवाजा भी बंद था, जिसके कारण धुएं से घिरे छात्र बाहर नहीं निकल सके और दम घुटने से उनकी मौत हो गई।

2016 में ही था बिल्डिंग गिराने का आदेश, अब चलेगा बुलडोजर

जांच में सामने आया है कि जिस कमर्शियल बिल्डिंग में कोचिंग चल रही थी, वह पूरी तरह अवैध थी। साल 2016 में ही लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने इसे गिराने का आदेश जारी किया था, लेकिन बाद में साठगांठ के चलते उस आदेश को निरस्त कर दिया गया। अब इस हादसे के बाद जागते हुए एलडीए के वीसी प्रथमेश कुमार ने बताया कि बिल्डिंग मालिक को नोटिस जारी कर 15 दिन में जवाब मांगा गया है और जल्द ही इस अवैध इमारत पर बुलडोजर चलाया जाएगा।

कॉलेज मालिक समेत 4 गिरफ्तार, 4 अधिकारी सस्पेंड

यह इमारत रामेश्वरम इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट कॉलेज के मालिक वीरेंद्र शुक्ला की है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए गैर-इरादतन हत्या (गैर-इरादतन मानव वध) का मुकदमा दर्ज कर मुख्य आरोपी वीरेंद्र शुक्ला समेत 4 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं शासन स्तर पर बड़ी कार्रवाई करते हुए एलडीए के 4 अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है, जबकि 16 अन्य पूर्व व वर्तमान अफसरों पर भी गाज गिर सकती है।

कैसे हुआ हादसा?

यह दर्दनाक हादसा सोमवार दोपहर करीब 2:30 बजे हुआ, जब कोचिंग सेंटर के एयर कंडीशनर (AC) में अचानक एक जोरदार ब्लास्ट हुआ और पूरी बिल्डिंग धुएं के गुबार व आग की लपटों में घिर गई। आरोप है कि सूचना के 40 मिनट बाद फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची। इसके बाद एसडीआरएफ (SDRF) और एनडीआरएफ (NDRF) की टीमों ने करीब 7 घंटे तक कड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और दीवारें तोड़कर अंदर फंसे शवों और अचेत लोगों को बाहर निकाला।

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