Jabalpur News: बिजली विभाग की कथित प्रताड़ना से महिला उपभोक्ता को आया हार्ट अटैक

दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। भीषण गर्मी के इस दौर में मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी (MPEB) के अधिकारियों की संवेदनहीनता और प्रताड़ना का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। जबलपुर के रिछाई इलाके में बिजली विभाग की एक महिला अधिकारी पर नियम विरुद्ध कनेक्शन काटने, अभद्र व्यवहार करने और अवैध राशि की मांग करने के आरोप लगे हैं। प्रताड़ना और भीषण गर्मी से घर की बुजुर्ग महिला उपभोक्ता की तबीयत बिगड़ गई, जिन्हें हार्ट अटैक आने के बाद गंभीर हालत में जबलपुर के मेट्रो अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

पीड़ित परिवार ने इस संबंध में मुख्य महाप्रबंधक (CGM) और जिला प्रशासन को लिखित शिकायत सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है। शिकायतकर्ता रामानुज तिवारी (निवासी रिछाई, जबलपुर) के अनुसार, उनके घर का विद्युत मीटर (IVRS No. 1825004389) मार्च 2026 में खराब हो गया था। इसकी बाकायदा शिकायत 13 मार्च 2026 को विभागीय हेल्पलाइन नंबर 1912 पर दर्ज कराई गई थी, जिसका शिकायत क्रमांक C-13898559 है। शिकायत के बाद विभाग के कर्मचारियों ने आकर मीटर को अटेंड भी किया था। इस पूरी अवधि में उपभोक्ता द्वारा नियमित रूप से बिजली बिलों का भुगतान भी किया जा रहा था। पीड़ित का आरोप है कि 2 जून 2026 को विभाग की अधिकारी रूपाली मैडम उनके निवास पर पहुंचीं। 

उन्होंने यह दावा करते हुए घर का बिजली कनेक्शन काट दिया कि वहां लगा मीटर बिजली विभाग का नहीं है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि समस्या के समाधान के लिए जब वे अधीक्षण अभियंता संजय अरोड़ा के पास पहुंचे और पूरी स्थिति से अवगत कराया, तो उन्होंने सहयोग करने के बजाय नाराजगी जताई। परिवार के अनुसार, अधिकारी ने कहा कि जिसने मीटर लगाया है उसे लेकर आओ। जब रामानुज तिवारी ने बताया कि मीटर लगाने वाले व्यक्ति की जानकारी उनके पास नहीं है और वह विभाग के माध्यम से ही बुलाया जा सकता है, तो अधिकारी कथित रूप से भड़क गए और कहा, जाओ, लाइट चालू करवा के दिखाओ, हम भी देखते हैं कौन चालू करवाता है। 

परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि कनेक्शन बहाल करने के नाम पर अवैध रूप से रुपये मांगे जा रहे हैं और बिना पैसे दिए बिजली चालू नहीं किए जाने की बात कही जा रही है। मामले में पक्ष जानने के लिए दैनिक सांध्य बन्धु द्वारा अधीक्षण अभियंता संजय अरोड़ा से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो
सका। शिकायतकर्ता रामानुज तिवारी ने आवेदन में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि पिछले तीन दिनों से वे दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं।

पीड़ित का आरोप है कि कनेक्शन जोड़ने के नाम पर अवैध रूप से पैसों की मांग भी की जा रही है और कहा जा रहा है कि बिना पैसे दिए कनेक्शन बहाल नहीं होगा। पीड़ित परिवार ने बताया कि उनके घर में उनकी माताजी कौशल्या तिवारी हैं, जो पहले से हृदय रोगी हैं। विभाग की इस प्रताड़ना और भीषण गर्मी में बिजली गुल होने के कारण उन्हें गहरा मानसिक आघात लगा, जिससे उन्हें हार्ट अटैक आ गया। उन्हें तुरंत जबलपुर के मेट्रो हॉस्पिटल में भर्ती कराना पड़ा, जहां उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। पीड़ित ने दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई और तत्काल बिजली बहाल करने की मांग की है।

इन्होंने कहा

भीषण गर्मी के बीच किसी परिवार का बिजली कनेक्शन काटना और शिकायत लेकर पहुंचे उपभोक्ता के साथ अभद्र व्यवहार करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। यह बिजली विभाग की संवेदनहीन कार्यप्रणाली का उदाहरण है। यदि पीड़ित परिवार को शीघ्र न्याय नहीं मिला तो कांग्रेस जन समस्या प्रकोष्ठ इस मुद्दे को लेकर आंदोलन करने पर विचार करेगा।

अनुज श्रीवास्तव, अध्यक्ष - कांग्रेस जन समस्या निवारण प्रकोष्ठ

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