दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। थाना रांझी अंतर्गत हनुमान नगर में 27 मई को कुएं में मिली 75 वर्षीय वृद्धा पुष्पा शर्मा की लाश के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। यह कोई दुर्घटना नहीं, बल्कि सोची-समझी साजिश के तहत की गई अंधी हत्या थी। वृद्धा को किसी और ने नहीं, बल्कि उनके बेटे के ही परिचित रामगोपाल मिश्रा उर्फ गोपाल (45 वर्ष) ने मौत के घाट उतारा था। चोरी करते समय वृद्धा द्वारा पहचान लिए जाने के डर से आरोपी ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया और लाश को कुएं में फेंक कर फरार हो गया था।
आंगन के कुएं में उतराती मिली थी लाश, फर्श पर थे खून के निशान
27 मई की रात जब हनुमान नगर (अन्ना बाबा के पीछे) रहने वाले सुनील शर्मा ने रांझी थाना प्रभारी उमेश गोल्हानी को सूचना दी कि उनकी बड़ी बहन पुष्पा शर्मा (75 वर्ष) का शव घर के आंगन के कुएं में तैर रहा है। सुनील ने बताया कि उनकी बहन 26 मई की रात सोने गई थीं, लेकिन अगले दिन रात तक बाहर नहीं आईं। जब वे पड़ोसियों के साथ दीवार फांदकर अंदर घुसे, तो कमरे के फर्श और दीवारों पर खून के धब्बे और घसीटने के निशान मिले। इसके बाद जब वे कुएं की तरफ गए, तो वहां पुष्पा बाई का शव उतराता मिला।
एसपी के निर्देश पर दौड़ी टीमें, एफएसएल ने जुटाए सुराग
पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय के निर्देश पर सीएसपी रांझी सतीश कुमार साहू और एफएसएल अधिकारी डॉ. अजय सिंह तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर अज्ञात आरोपी के खिलाफ धारा 103(1), 332(बी), 238(ए) बीएनएस (BNS) के तहत हत्या का मामला दर्ज किया। इसके बाद एएसपी अपराध जितेंद्र सिंह और सीएसपी रांझी के मार्गदर्शन में रांझी पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम गठित की गई।
चोरी की नीयत से घुसा था आरोपी
संदेह के आधार पर पुलिस ने हनुमान नगर निवासी रामगोपाल मिश्रा उर्फ गोपाल को हिरासत में लेकर जब कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया और हत्या की जो कहानी बताई, उसने सबके होश उड़ा दिए।
आरोपी ने पूछताछ में बताया कि मृतका पुष्पा शर्मा का बेटा राजू मेरा दोस्त था। राजू एक हफ्ते से गांव गया था और पुष्पा बाई घर में अकेली थीं। मुझे लगा कि घर में चोरी करने का यह सबसे अच्छा मौका है। 26 मई की रात करीब 10:30 बजे मैं बाउंड्री वॉल कूदकर अंदर घुसा और अलमारी खंगालने लगा। तभी किचन की तरफ से पुष्पा बाई कमरे में आ गईं और उन्होंने मुझे पहचान लिया। उन्होंने चिल्लाना शुरू किया तो मैंने उनका मुंह दबा दिया। जब वह मुझसे गुत्थमगुत्था होने लगीं, तो मैंने उन्हें जमीन पर पटक दिया और पास रखी पानी की तांबे/पीतल की घँघरिया (बर्तन) उठाकर उनके सिर और मुंह पर 4-5 बार दे मारी।
मरने के लिए कुएं में फेंका, हड़बड़ी में पैंट और चप्पल वहीं छूटे
आरोपी ने पुलिस को बताया कि गंभीर रूप से घायल होने के बाद उसने पुष्पा बाई के गले से सोने का मंगलसूत्र और पैरों से चांदी की पायल नोच ली। इसके बाद वह उन्हें घसीटते हुए आंगन में ले गया और जिंदा न बचने की नीयत से कुएं में फेंक दिया। मृतका से झूमाझटकी के दौरान आरोपी का हाफ पैंट फटकर वहीं छूट गया और उसकी चप्पल भी दरवाजे के पास ही रह गई। वह घबराहट में छत के रास्ते बगल के प्लॉट में कूदा और अपने घर भाग गया, जहां उसने नहाकर खून से सने कपड़े धोए।
पुलिस को गुमराह करने के लिए रची थी 'नकली जेवर' की साजिश
शातिर आरोपी अगले दिन सुबह मृतका के घर अपनी चप्पल उठाने भी गया था, लेकिन मोहल्ले में चहल-पहल होने के कारण अंदर नहीं जा सका। इसके बाद उसने पुलिस को भटकाने के लिए एक बेहद शातिर प्लान बनाया। उसने लूटे गए मंगलसूत्र से सोने का पेंडल अलग कर लिया और गंजेशगंज में एक मनियारी दुकान से नकली पेंडल और नकली पायल खरीदी। उसका प्लान था कि वह इन नकली जेवरों को चुपके से मृतका के घर में फेंक देगा, ताकि पुलिस को लगे कि घर में चोरी नहीं हुई है और मामला केवल हत्या या हादसे का लगे। लेकिन शाम को जब पुलिस की सक्रियता बढ़ी, तो वह डरकर ग्वारीघाट भाग गया और छिपने लगा।
माल मसरूका बरामद, आरोपी जेल रवाना
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर लूटा हुआ असली सोने का मंगलसूत्र (पेंडल), चांदी की पायल, पुलिस को गुमराह करने के लिए खरीदे गए नकली जेवर और घटना के वक्त पहने गए कपड़े जब्त कर लिए हैं। आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
इनकी रही सराहनीय भूमिका
इस अंधे कत्ल का पर्दाफाश करने में रांझी थाना प्रभारी उमेश गोल्हानी, उप निरीक्षक मयंक यादव, एएसआई मनीष जाटव, प्रधान आरक्षक पुरुषोत्तम चंद्रभान, प्रदीप तिवारी, आरक्षक मनीष पटेल, अभिषेक मिश्रा समेत क्राइम ब्रांच थाना प्रभारी शैलेष मिश्रा के निर्देशन में एएसआई कैलाश मिश्रा, प्रधान आरक्षक सत्यसेन यादव, वीरेंद्र सिंह, आरक्षक सत्येंद्र और साइबर सेल के संदीप मेहरा की सराहनीय भूमिका रही।
Tags
jabalpur



