दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। डुमना एयरपोर्ट के समीप स्थित गधेरी गांव में मकान निर्माण के दौरान जमीन से मिले जिंदा बम को सेना की टीम ने रविवार को सुरक्षित तरीके से डिफ्यूज कर दिया। बम मिलने से लेकर उसे निष्क्रिय करने तक की पूरी प्रक्रिया करीब 7 से 8 घंटे में पूरी हुई। जिला प्रशासन, पुलिस और सेना के बीच त्वरित समन्वय के चलते संभावित बड़ा हादसा टल गया।
जानकारी के अनुसार, गधेरी निवासी सुनील यादव अपने प्लॉट पर भवन निर्माण करा रहे थे। शुक्रवार शाम पिलर के लिए गड्ढा खोदते समय मजदूरों को जमीन से करीब 3 से 4 फीट नीचे एक संदिग्ध धातु की वस्तु मिली। पहले इसे कबाड़ समझा गया, लेकिन आकृति बम जैसी दिखाई देने पर निर्माण कार्य तत्काल रोक दिया गया और पुलिस को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही सीएसपी सतीश साहू, खमरिया थाना पुलिस और बम निरोधक दस्ते की टीम मौके पर पहुंची। जांच में पुष्टि हुई कि यह एक जिंदा यूएक्सओ (Unexploded Ordnance) बम है। बम का वजन लगभग 12 से 15 किलो और मारक क्षमता करीब 50 मीटर तक बताई गई। खतरे को देखते हुए आसपास के क्षेत्र को खाली कराया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी संपत उपाध्याय ने कलेक्टर राघवेंद्र सिंह को प्रतिवेदन भेजा। कलेक्टर ने रक्षा मंत्रालय को ई-मेल के माध्यम से जल्द कार्रवाई का अनुरोध किया। इसके बाद जबलपुर से दिल्ली तक पत्राचार हुआ और रक्षा मंत्रालय ने आवश्यक अनुमति प्रदान करते हुए सेना तथा सेंट्रल ऑर्डिनेंस डिपो (सीओडी) को कार्रवाई के निर्देश दिए।
रविवार को सेना और सीओडी की टीम ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बम को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। वहां जमीन में गड्ढा खोदकर बम को दबाया गया और नियंत्रित प्रक्रिया के तहत उसे डिफ्यूज कर दिया गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जहां बम मिला वह स्थान आयुध निर्माणी खमरिया से लगभग छह किलोमीटर दूर है। बम काफी पुराना था, लेकिन सक्रिय अवस्था में होने के कारण उसे लंबे समय तक सुरक्षित रखना जोखिम भरा था। प्रशासन, पुलिस और सेना की त्वरित कार्रवाई से एक संभावित बड़ी दुर्घटना टल गई।
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