राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बड़ा एक्शन: ट्रस्ट महासचिव चंपत राय ने दिया इस्तीफा, ड्राइवर समेत 8 आरोपी गिरफ्तार

दैनिक सांध्य बन्धु (एजेंसी) अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई सामने आई है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। वहीं, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा को भी ट्रस्ट से बाहर कर दिया गया है। सूत्रों के अनुसार, मंदिर निर्माण प्रभारी गोपाल राव को भी मंदिर की व्यवस्थाओं से हटा दिया गया है। माना जा रहा है कि जल्द ही ट्रस्ट का पुनर्गठन किया जाएगा।

बताया जा रहा है कि एक सप्ताह पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अयोध्या दौरे के दौरान चंपत राय को कार्यक्रमों से दूर रखा गया था। तभी से उनके हटाए जाने की चर्चा तेज हो गई थी।

चढ़ावा चोरी मामले में गुरुवार देर शाम ट्रस्ट सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर पहली एफआईआर दर्ज की गई। इसके बाद पुलिस ने चंपत राय के ड्राइवर रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा, मनीष यादव, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय, सुभाष चंद्र श्रीवास्तव और रमाशंकर मिश्रा शामिल हैं। सभी आरोपियों को आज अदालत में पेश किया जाएगा। हालांकि एफआईआर में चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा या अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों के नाम शामिल नहीं हैं।

मामले की जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को एसआईटी का गठन किया था। एसआईटी ने 23 जून को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट शासन को सौंपी, जिसके दो दिन बाद यह कार्रवाई की गई। जांच में कई लोगों की भूमिका सामने आने के बाद गिरफ्तारी की गई है।

इस मामले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं। राज्यसभा सांसद संजय राउत ने सोशल मीडिया पर सवाल उठाते हुए पूछा कि राम मंदिर के लिए उद्धव ठाकरे द्वारा दान की गई चार किलो चांदी कहां गई। वहीं, दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अयोध्या पहुंचकर रामलला के दर्शन किए और कहा कि आस्था के साथ विश्वासघात करने वालों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उनका आरोप है कि एफआईआर केवल दिखावे के लिए दर्ज की गई है और बड़े लोगों को बचाने की कोशिश हो रही है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आस्था के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सनातन की आस्था को ठेस पहुंचाने वालों के खिलाफ सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत सख्त कार्रवाई करेगी।

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