Jabalpur News: नगर निगम का बड़ा एक्शन, अग्नि सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले दो बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर जड़ा ताला

दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। शहर में अग्नि सुरक्षा, सुरक्षित निकासी मार्ग और लाइसेंस संबंधी नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नगर निगम ने अब बेहद सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार के कड़े निर्देश पर निगम की संयुक्त टीम ने बीते दो दिनों में ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए पांच संस्थानों पर तालाबंदी की है। निगम प्रशासन ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि जन सुरक्षा और अग्नि सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही या कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

इसी कड़ी में 10 और 11 जून को निगम की संयुक्त टीम ने गलगला-सराफा रोड स्थित 'रवि प्लास्टिक' और मुकादमगंज स्थित 'अशोक एजेंसी' का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान इन दोनों प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा, भवन सुरक्षा, सुरक्षित आवागमन मार्ग, भवन मानचित्र और ट्रेड लाइसेंस से जुड़ी गंभीर और जानलेवा अनियमितताएं पाई गईं। इसके बाद अधिकारियों ने संचालकों की मौजूदगी और सहमति से दोनों ही बड़े प्रतिष्ठानों को मौके पर ही पूरी तरह सील कर दिया।

अग्निशमन विभाग, भवन शाखा और लाइसेंस शाखा की टीम ने अपनी जांच में पाया कि दोनों ही प्रतिष्ठानों में भारी मात्रा में ज्वलनशील सामग्री का असुरक्षित तरीके से भंडारण किया गया था। सबसे खतरनाक बात यह थी कि आपात स्थिति में बाहर निकलने के लिए भवनों में पर्याप्त सुरक्षित मार्ग नहीं थे और न ही आग पर काबू पाने के जरूरी संसाधन स्थापित थे।

गलगला-सराफा रोड स्थित रवि प्लास्टिक में प्लास्टिक और अन्य अत्यधिक ज्वलनशील सामानों का अंबार लगा हुआ था। पूरी बिल्डिंग में ऊपर आने-जाने के लिए केवल एक ही सीढ़ी (स्टेयर-केस) थी, और उस पर भी सामान ठूंस-ठूंस कर रखा गया था। अधिकारियों के मुताबिक, यदि यहां कभी आग लगती या धुआं फैलता, तो अंदर मौजूद लोगों का सुरक्षित बाहर निकलना नामुमकिन था। इसके अलावा भवन में अवैध और असुरक्षित तरीके से लिफ्ट लगाई गई थी, और जांच के समय संचालक न तो भवन का स्वीकृत नक्शा दिखा पाए और न ही रिन्यू किया हुआ ट्रेड लाइसेंस।

ठीक ऐसी ही भयावह स्थिति मुकादमगंज की अशोक एजेंसी में देखने को मिली, जहां कपूर, अगरबत्ती और अन्य तेजी से आग पकड़ने वाली सामग्रियों का भारी स्टॉक जमा था। यहां भी एकमात्र सीढ़ी के रास्ते को सामान रखकर पूरी तरह ब्लॉक कर दिया गया था, जिसे अग्निशमन विभाग ने राहत और बचाव कार्य के लिहाज से अत्यंत जोखिमपूर्ण माना। इस प्रतिष्ठान के पास भी स्वीकृत नक्शा और वैध ट्रेड लाइसेंस मौजूद नहीं था। इन गंभीर कमियों को देखते हुए दोनों दुकानों को तत्काल प्रभाव से बंद कर सरकारी ताला ठोक दिया गया।

इस बड़ी कार्रवाई को लेकर निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार ने शहर के सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक उपयोग वाले भवनों, होटलों, लॉज, कोचिंग सेंटरों, गोदामों और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में अग्नि सुरक्षा के तय नियमों का पालन करना हर हाल में अनिवार्य है। विशेषकर ज्वलनशील सामग्री का काम करने वाले व्यापारियों को अपने यहां अग्निशमन उपकरण, अवरोध-मुक्त सीढ़ियां, पर्याप्त निकासी मार्ग, स्वीकृत नक्शा और वैध ट्रेड लाइसेंस रखना ही होगा। नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले अन्य संस्थानों के खिलाफ भी आने वाले दिनों में इसी तरह की सीलिंग और सख्त दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी।

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