दैनिक सांध्य बन्धु (एजेंसी) भोपाल। मध्य प्रदेश की राजनीति में राज्यसभा चुनाव से पहले हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस ने अपने विधायकों को एकजुट रखने और कथित तौर पर खरीद-फरोख्त की आशंकाओं से बचाने के लिए बड़ा कदम उठाते हुए पार्टी के विधायकों को कर्नाटक भेज दिया है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक मंगलवार दोपहर भोपाल से विशेष विमान के जरिए बेंगलुरु रवाना हुए, जहां उन्हें अगले नौ दिनों तक एक रिसॉर्ट में ठहराया जाएगा।
कांग्रेस का यह कदम ऐसे समय में सामने आया है जब राज्यसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने तीसरे उम्मीदवार के रूप में महेश केवट को मैदान में उतारा है। इसके बाद से कांग्रेस नेतृत्व को क्रॉस वोटिंग और हॉर्स ट्रेडिंग की आशंका सताने लगी है। पार्टी का मानना है कि चुनाव तक अपने विधायकों को एक साथ रखना जरूरी है।
विशेष विमान से बेंगलुरु पहुंचे विधायक
कांग्रेस ने विधायकों को कर्नाटक ले जाने के लिए 180 सीटों वाला विशेष विमान बुक किया था। दोपहर करीब 2:30 बजे भोपाल एयरपोर्ट से सभी विधायक बेंगलुरु के लिए रवाना हुए। पार्टी सूत्रों के अनुसार, वहां एक लग्जरी रिसॉर्ट में सभी विधायकों के रहने और बैठकों की व्यवस्था की गई है। राज्यसभा चुनाव तक वे वहीं रहेंगे।
रवाना होने से पहले एयरपोर्ट पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधायक मौजूद रहे। इस दौरान पार्टी नेताओं ने बीजेपी पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने और विपक्षी दलों के जनप्रतिनिधियों को प्रभावित करने के आरोप लगाए।
उमंग सिंघार बोले- बीजेपी कर सकती है गड़बड़ी
विधायकों को दूसरे राज्य भेजे जाने के फैसले पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि बीजेपी लोकतंत्र की हत्या करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने विधायकों को ऐसे राज्य में ले जा रही है जहां उसकी सरकार है, ताकि किसी तरह की राजनीतिक गड़बड़ी की संभावना न रहे।
एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए सिंघार ने दावा किया कि कांग्रेस के पास 62 विधायक हैं, लेकिन राज्यसभा चुनाव में पार्टी को इससे अधिक वोट मिलने की उम्मीद है। बेंगलुरु रवाना होने से पहले उन्होंने सोशल मीडिया पर विधायकों की तस्वीर साझा करते हुए लिखा, "हम लड़ेंगे और जीतेंगे।"
दिग्विजय सिंह का बीजेपी पर तीखा हमला
वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह भी एयरपोर्ट पर मौजूद रहे। उन्होंने बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी पूरे देश में खरीद-फरोख्त की राजनीति कर रही है।
दिग्विजय सिंह ने कहा, "बीजेपी के पास भ्रष्टाचार से अर्जित अपार धनराशि है। उनके लिए 15-20 करोड़ रुपये खर्च करना कोई बड़ी बात नहीं है। जब से यह पार्टी सत्ता में आई है, तब से देशभर में जनप्रतिनिधियों की खरीद-फरोख्त की घटनाएं सामने आती रही हैं।"
कांग्रेस को अपने विधायकों पर भरोसा, फिर भी सतर्कता
कांग्रेस विधायक लखन घनघोरिया ने कहा कि पार्टी को अपने विधायकों पर पूरा भरोसा है, लेकिन बीजेपी की राजनीतिक कार्यशैली को देखते हुए सावधानी बरती जा रही है। उन्होंने कहा कि बीजेपी विपक्षी दलों के जनप्रतिनिधियों को तोड़ने के प्रयासों के लिए जानी जाती है, इसलिए कांग्रेस ने यह रणनीति अपनाई है। हालांकि निजी कारणों से वे बाकी विधायकों के साथ नहीं जा सके है, लेकिन दो दिन बाद वे भी बेंगलुरु जाएंगे।
कुछ विधायक बोले- घूमने जा रहे हैं
कांग गोहद विधायक केशव देसाई ने कहा कि ढाई साल से लगातार क्षेत्र में काम कर रहे हैं और अब कुछ दिन घूमने का मौका मिला है। उन्होंने कहा कि राज्यसभा मतदान से पहले सभी विधायक एक साथ समय बिताएंगे।
वहीं मुरैना विधायक दिनेश गुर्जर ने कहा कि सभी विधायक एकजुट हैं और वापस लौटकर कांग्रेस उम्मीदवार को राज्यसभा पहुंचाने का काम करेंगे।
डबरा विधायक सुरेश राजे ने कहा कि पार्टी जहां निर्देश देगी, वहां जाएंगे। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी के पास पर्याप्त संख्या नहीं होने के बावजूद तीसरा उम्मीदवार उतारना राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है।
दूसरी ओर बीजेपी की कैबिनेट बैठक
इधर कांग्रेस विधायकों के बेंगलुरु रवाना होने के बीच मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक भी आयोजित हुई। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि बैठक में राज्यसभा चुनाव पर चर्चा हुई।
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