राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: चंपत राय से पूछताछ, आरोपियों के खातों की जांच तेज; सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से किया इनकार

दैनिक सांध्य बन्धु (एजेंसी) अयोध्या। राम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावा चोरी मामले में जांच लगातार तेज होती जा रही है। पुलिस ने ट्रस्ट के पूर्व पदाधिकारियों चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव के बयान दर्ज किए हैं। पूछताछ के बाद चंपत राय दिल्ली रवाना हो गए। वहीं, गिरफ्तार आठ आरोपियों के बैंक खातों और आर्थिक लेन-देन की भी गहन जांच की जा रही है।

सोमवार को पुलिस की टीम अयोध्या धाम स्थित एसबीआई शाखा पहुंची, जहां गिरफ्तार आठ में से सात आरोपियों के बैंक खातों के स्टेटमेंट लिए गए। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि मंदिर में नियुक्ति के बाद आरोपियों के खातों में कितनी राशि जमा हुई और उसका स्रोत क्या था। बैंक के दो कर्मचारियों को भी नोटिस जारी किया गया है।

इधर, मामले में सीबीआई जांच की मांग को लेकर दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि अवकाश के बाद नियमानुसार मामले पर सुनवाई की जाएगी।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कोर्ट में पेशी

गिरफ्तार सभी आठ आरोपियों को भ्रष्टाचार निवारण अदालत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश किया गया। पुलिस रिमांड लेकर पूछताछ करने की तैयारी में है ताकि कथित चोरी के पूरे नेटवर्क और उससे जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा सके।

वकीलों का बड़ा फैसला

अयोध्या बार एसोसिएशन की बैठक में स्थानीय अधिवक्ताओं ने निर्णय लिया कि चढ़ावा चोरी मामले के आरोपियों की पैरवी कोई भी वकील नहीं करेगा। बैठक में यह भी कहा गया कि यदि कोई अधिवक्ता आरोपियों का पक्ष रखता है तो उस पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। हालांकि, किसी भी आरोपी को विधिक सहायता प्राप्त करने का अधिकार भारतीय कानून के तहत सुरक्षित है।

बैंक खातों और संपत्तियों की जांच

पुलिस इससे पहले आरोपियों के घरों पर छापेमारी कर संपत्ति से जुड़े दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड और अन्य सामग्री जब्त कर चुकी है। एक आरोपी के घर से डायरी और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं, जिनकी जांच जारी है। जांच एजेंसियां आरोपियों की संपत्ति, बैंक खातों और जीवनशैली में आए बदलावों का भी आकलन कर रही हैं।

SIT की रिपोर्ट के बाद हुई कार्रवाई

चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद राज्य सरकार ने एसआईटी का गठन किया था। एसआईटी की रिपोर्ट मिलने के बाद एफआईआर दर्ज हुई और आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। मामले में आगे की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

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