दैनिक सांध्य बन्धु (एजेंसी) नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर छात्रों और युवाओं के प्रदर्शन के बीच शुक्रवार को सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधिमंडल के बीच दूसरे दौर की बातचीत जारी है। बैठक के लिए तय स्थान में अंतिम समय पर बदलाव किया गया। इससे पहले 20 जुलाई को केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के आवास पर हुई बातचीत बेनतीजा रही थी। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि सरकार से बातचीत किसी तटस्थ स्थान पर की जाए।
CJP के प्रवक्ता सौरव दास के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल बातचीत के लिए रवाना हुआ। संगठन की ओर से कहा गया है कि सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत के बावजूद आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, 20 जुलाई को प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई की जांच और छात्रों से माफी शामिल है।
इस बीच पेपर लीक मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई हुई। कोर्ट ने कहा कि वह मामले पर कड़ी नजर रख रहा है और केंद्र सरकार के हलफनामे के बाद आगे निर्णय लिया जाएगा। वहीं, महाराष्ट्र में पेपर लीक की जांच के लिए नागपुर और औरंगाबाद में दो फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित किए जाने की जानकारी सामने आई है।
प्रदर्शन के बीच विपक्षी नेताओं ने भी सरकार पर निशाना साधा। राहुल गांधी ने छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों के इस्तेमाल पर कथित कार्रवाई को लेकर सरकार से सवाल किया और कहा कि छात्रों को डराने-धमकाने का जवाब समय आने पर दिया जाएगा। कांग्रेस नेताओं ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे, प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई और छात्रों से माफी की मांग दोहराई।
वहीं, CJP की ओर से कहा गया कि पेपर लीक को लेकर सरकार के संभावित फैसलों से उन्हें तब तक संतुष्टि नहीं होगी, जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर कार्रवाई नहीं होती। संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे तक जंतर-मंतर पर आंदोलन जारी रहेगा।
प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। दिल्ली पुलिस ने सभी रैंकों के पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। वहीं, प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली मेट्रो के कई स्टेशनों को अस्थायी रूप से बंद रखा गया। जंतर-मंतर पर शुक्रवार को भी बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जुटे और नारेबाजी की।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच सरकार और CJP के बीच जारी बातचीत को गतिरोध खत्म करने की दिशा में अहम माना जा रहा है। हालांकि, प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों और सरकार के रुख के बीच अभी भी मतभेद बने हुए हैं। बातचीत के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आंदोलन को समाप्त करने या आगे जारी रखने को लेकर क्या निर्णय लिया जाता है।
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