दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। खितौला थाना क्षेत्र स्थित ESAF स्मॉल फाइनेंस बैंक में वर्ष 2025 में हुई सनसनीखेज डकैती के मामले में पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। बैंक डकैती के दौरान लूटे गए सोने को बेचने और शेष सोना अपने पास छिपाकर रखने वाले एक शातिर आरोपी को बिहार से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 350 ग्राम सोने के जेवर, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 60 लाख रुपये है, तथा वारदात में प्रयुक्त 7.65 एमएम बोर की देशी पिस्टल भी बरामद की है।
11 अगस्त 2025 को हुई थी करोड़ों की डकैती
गौरतलब है कि 11 अगस्त 2025 को खितौला थाना क्षेत्र स्थित ESAF स्मॉल फाइनेंस बैंक में पांच सशस्त्र बदमाशों ने धावा बोल दिया था। आरोपियों ने बैंक कर्मचारियों को हथियारों के बल पर धमकाकर बैंक में रखे 14 किलो 800 ग्राम सोने के आभूषण तथा करीब 5 लाख रुपये नकद लूट लिए थे। घटना के बाद आरोपी फरार हो गए थे।
इस हाई-प्रोफाइल डकैती की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन पुलिस महानिरीक्षक, जबलपुर जोन प्रमोद वर्मा, पुलिस उप महानिरीक्षक, जबलपुर रेंज अतुल सिंह और पुलिस अधीक्षक जबलपुर संपत उपाध्याय स्वयं घटनास्थल पहुंचे थे और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष दिशा-निर्देश दिए थे।
30 हजार रुपये के इनाम की हुई थी घोषणा
अज्ञात डकैतों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस महानिरीक्षक द्वारा 30 हजार रुपये के नकद इनाम की घोषणा भी की गई थी। इसके बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (अपराध) जितेन्द्र सिंह, एसडीओपी सिहोरा आदित्य सिंधारिया, डीएसपी क्राइम उदयभान बागरी तथा उप पुलिस अधीक्षक साइबर सेल अंजुल अयंक मिश्रा के मार्गदर्शन में क्राइम ब्रांच और जिला पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई थी।
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद खुला बड़ा राज
लगातार जांच और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने 15 जुलाई 2026 को बैंक डकैती के मुख्य आरोपी सुनील पासवान (निवासी ग्राम बनाही, थाना आमस, जिला गया, बिहार) को गिरफ्तार किया। न्यायालय से पुलिस रिमांड मिलने के बाद थाना प्रभारी खितौला चंद्रकांत झा के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच और थाना पुलिस ने आरोपी से गहन पूछताछ की।
पूछताछ में सुनील पासवान ने खुलासा किया कि डकैती के बाद उसके हिस्से में आए सोने के आभूषणों को बेचने में उसके साथी छोटू उर्फ सरमन मेहतो ने मदद की थी। साथ ही, बचा हुआ सोना भी उसी के पास सुरक्षित रखा गया था।
बिहार में दबिश देकर पकड़ा गया आरोपी
मुख्य आरोपी की निशानदेही पर पुलिस टीम बिहार पहुंची। स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) बिहार की सहायता से छोटू उर्फ सरमन मेहतो (23 वर्ष), निवासी ग्राम मयरा, थाना इमामगंज, जिला गया (बिहार) को शेरघाटी क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने पुलिस को महत्वपूर्ण जानकारी दी। इसके बाद उसकी निशानदेही पर पुलिस ने लूट का बचा हुआ सोना बरामद किया।
350 ग्राम सोना और वारदात में प्रयुक्त पिस्टल बरामद
पुलिस ने आरोपी छोटू उर्फ सरमन मेहतो के कब्जे से 350 ग्राम सोने के आभूषण, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 60 लाख रुपये है, बरामद किए। वहीं मुख्य आरोपी सुनील पासवान की निशानदेही पर डकैती में इस्तेमाल की गई 7.65 एमएम बोर की देशी पिस्टल भी जब्त की गई।
दोनों आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लेकर जब्त किए गए सोने और हथियार के साथ जबलपुर लाया गया, जहां उनसे आगे की पूछताछ जारी है।
लूट का सोना बेचने में निभाई थी अहम भूमिका
पुलिस जांच में सामने आया है कि छोटू उर्फ सरमन मेहतो ने केवल लूट का सोना अपने पास नहीं रखा, बल्कि उसे धीरे-धीरे बेचने में भी मुख्य आरोपी की मदद की। इस कारण उसे मामले में सह-आरोपी बनाया गया है। पुलिस अब यह भी पता लगा रही है कि लूट का सोना किन-किन लोगों को बेचा गया और इस पूरे नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं।
11 अगस्त 2025 को हुई थी करोड़ों की डकैती
गौरतलब है कि 11 अगस्त 2025 को खितौला थाना क्षेत्र स्थित ESAF स्मॉल फाइनेंस बैंक में पांच सशस्त्र बदमाशों ने धावा बोल दिया था। आरोपियों ने बैंक कर्मचारियों को हथियारों के बल पर धमकाकर बैंक में रखे 14 किलो 800 ग्राम सोने के आभूषण तथा करीब 5 लाख रुपये नकद लूट लिए थे। घटना के बाद आरोपी फरार हो गए थे।
इस हाई-प्रोफाइल डकैती की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन पुलिस महानिरीक्षक, जबलपुर जोन प्रमोद वर्मा, पुलिस उप महानिरीक्षक, जबलपुर रेंज अतुल सिंह और पुलिस अधीक्षक जबलपुर संपत उपाध्याय स्वयं घटनास्थल पहुंचे थे और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष दिशा-निर्देश दिए थे।
30 हजार रुपये के इनाम की हुई थी घोषणा
अज्ञात डकैतों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस महानिरीक्षक द्वारा 30 हजार रुपये के नकद इनाम की घोषणा भी की गई थी। इसके बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (अपराध) जितेन्द्र सिंह, एसडीओपी सिहोरा आदित्य सिंधारिया, डीएसपी क्राइम उदयभान बागरी तथा उप पुलिस अधीक्षक साइबर सेल अंजुल अयंक मिश्रा के मार्गदर्शन में क्राइम ब्रांच और जिला पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई थी।
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद खुला बड़ा राज
लगातार जांच और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने 15 जुलाई 2026 को बैंक डकैती के मुख्य आरोपी सुनील पासवान (निवासी ग्राम बनाही, थाना आमस, जिला गया, बिहार) को गिरफ्तार किया। न्यायालय से पुलिस रिमांड मिलने के बाद थाना प्रभारी खितौला चंद्रकांत झा के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच और थाना पुलिस ने आरोपी से गहन पूछताछ की।
पूछताछ में सुनील पासवान ने खुलासा किया कि डकैती के बाद उसके हिस्से में आए सोने के आभूषणों को बेचने में उसके साथी छोटू उर्फ सरमन मेहतो ने मदद की थी। साथ ही, बचा हुआ सोना भी उसी के पास सुरक्षित रखा गया था।
बिहार में दबिश देकर पकड़ा गया आरोपी
मुख्य आरोपी की निशानदेही पर पुलिस टीम बिहार पहुंची। स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) बिहार की सहायता से छोटू उर्फ सरमन मेहतो (23 वर्ष), निवासी ग्राम मयरा, थाना इमामगंज, जिला गया (बिहार) को शेरघाटी क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने पुलिस को महत्वपूर्ण जानकारी दी। इसके बाद उसकी निशानदेही पर पुलिस ने लूट का बचा हुआ सोना बरामद किया।
350 ग्राम सोना और वारदात में प्रयुक्त पिस्टल बरामद
पुलिस ने आरोपी छोटू उर्फ सरमन मेहतो के कब्जे से 350 ग्राम सोने के आभूषण, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 60 लाख रुपये है, बरामद किए। वहीं मुख्य आरोपी सुनील पासवान की निशानदेही पर डकैती में इस्तेमाल की गई 7.65 एमएम बोर की देशी पिस्टल भी जब्त की गई।
दोनों आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लेकर जब्त किए गए सोने और हथियार के साथ जबलपुर लाया गया, जहां उनसे आगे की पूछताछ जारी है।
लूट का सोना बेचने में निभाई थी अहम भूमिका
पुलिस जांच में सामने आया है कि छोटू उर्फ सरमन मेहतो ने केवल लूट का सोना अपने पास नहीं रखा, बल्कि उसे धीरे-धीरे बेचने में भी मुख्य आरोपी की मदद की। इस कारण उसे मामले में सह-आरोपी बनाया गया है। पुलिस अब यह भी पता लगा रही है कि लूट का सोना किन-किन लोगों को बेचा गया और इस पूरे नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं।
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