Jabalpur News: नेताओं की खींचतान में फंसी मनोनीत पार्षदों की सूची, दावेदारों के मन में डर—कहीं एल्डरमैन बन गए तो पार्षद का टिकट न कट जाए! भोपाल भेजे जा चुके हैं नाम

दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर।
प्रदेश के 13 नगर निगमों में 108 एल्डरमैन यानी मनोनीत पार्षदों की नियुक्ति किए जाने के बाद अब जबलपुर में भी राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। प्रदेश के कई नगर निगमों में नियुक्तियों की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, लेकिन जबलपुर, इंदौर और ग्वालियर नगर निगम अब भी एल्डरमैन नियुक्ति की सूची से बाहर हैं।

10 नामों का पैनल प्रदेश नेतृत्व को भेजे जाने की चर्चा

राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, भाजपा संगठन की ओर से जबलपुर नगर निगम में एल्डरमैन पद के लिए करीब 10 नामों का पैनल प्रदेश नेतृत्व को भेजा जा चुका है। इस पैनल में संगठन के सक्रिय कार्यकर्ताओं के साथ सांसदों, विधायकों और पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों की अनुशंसा वाले नाम भी शामिल होने की चर्चा है। हालांकि, पैनल भेजे जाने के बावजूद अभी तक प्रदेश नेतृत्व की ओर से अंतिम मंजूरी नहीं मिली है। बताया जा रहा है कि कुछ नामों को लेकर संगठन के भीतर सहमति नहीं बन पाई है। इसके अलावा शहर के कुछ वरिष्ठ नेताओं द्वारा अपने समर्थकों के नामों को प्राथमिकता दिए जाने की कोशिश के कारण भी फैसला आगे बढ़ने में देरी की चर्चा है।

आपसी खींचतान और राजनीतिक दबाव की चर्चा

भाजपा के राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि जबलपुर में एल्डरमैन नियुक्ति का मामला नेताओं की आपसी खींचतान और राजनीतिक दबाव के बीच उलझा हुआ है। शहर के अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों से जुड़े प्रभावशाली नेता अपने-अपने समर्थकों को एल्डरमैन बनाए जाने के लिए प्रयासरत बताए जा रहे हैं। हर खेमे की कोशिश है कि उसके समर्थकों को सूची में पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिले। इसी वजह से नामों को अंतिम रूप देने में सहमति नहीं बन पा रही है। 

कार्यकर्ताओं में बढ़ रही नाराजगी

एल्डरमैन नियुक्ति में लगातार हो रही देरी को लेकर भाजपा के कई कार्यकर्ताओं में नाराजगी की चर्चा है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने वर्षों तक पार्टी संगठन के लिए सक्रिय रूप से काम किया है और अब मनोनयन की उम्मीद कर रहे हैं। वहीं, पार्टी के अंदर ही एक अलग तरह की चर्चा भी जोर पकड़ रही है। कुछ कार्यकर्ताओं के बीच यह सवाल उठ रहा है कि अगर उन्हें एल्डरमैन यानी मनोनीत पार्षद बना दिया गया, तो कहीं इसका असर आगामी नगर निगम चुनाव में उनकी पार्षद पद की टिकट की दावेदारी पर न पड़ जाए। कुछ कार्यकर्ताओं के बीच यह भी चर्चा है कि "अगर मनोनीत पार्षद बनने के बाद आगामी नगर निगम चुनाव में टिकट की दौड़ से बाहर होना पड़े, तो फिर मनोनयन का क्या फायदा?" इसी वजह से कुछ संभावित दावेदारों के बीच एल्डरमैन बनने को लेकर उत्साह के साथ-साथ राजनीतिक भविष्य को लेकर असमंजस की स्थिति भी बताई जा रही है।

इन नामों को लेकर चर्चा तेज

जबलपुर में एल्डरमैन पद के संभावित नामों को लेकर राजनीतिक हलकों में कई नामों की चर्चा चल रही है। सूत्रों के अनुसार मुकेश यादव, अजय तिवारी, नंद कुमार यादव, श्रीराम शुक्ला, शंकर श्रीवास्तव, अजय पटेल (पिंटू) रमेश रैकवार और सुंदर अग्रवाल सहित अन्य नामों पर मंथन किए जाने की चर्चा है। हालांकि, इनमें से किसी भी नाम की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अंतिम सूची भाजपा संगठन और प्रदेश नेतृत्व की मंजूरी के बाद ही स्पष्ट होगी।

अंतिम फैसला प्रदेश नेतृत्व की मंजूरी के बाद

फिलहाल जबलपुर में एल्डरमैन नियुक्ति को लेकर राजनीतिक गतिविधियां जारी हैं। भाजपा संगठन की ओर से पैनल भेजे जाने की चर्चा के बावजूद अंतिम निर्णय नहीं होने से संभावित दावेदारों और कार्यकर्ताओं की नजर प्रदेश नेतृत्व के फैसले पर टिकी हुई है। अब देखना होगा कि पार्टी के भीतर चल रहे मंथन और संभावित दावेदारों के बीच सहमति कब बनती है और जबलपुर नगर निगम को एल्डरमैन की सौगात कब मिलती है। फिलहाल प्रदेश नेतृत्व की मंजूरी के इंतजार में यह मामला लंबित है और राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर चर्चाओं का दौर लगातार जारी है।

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