दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। अधारताल थाना क्षेत्र के सुहागी स्थित पन्नी मोहल्ला में संचालित कथित देह व्यापार के अड्डे का खुलासा होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए अधारताल थाने में पदस्थ आरक्षक सतीश झारिया को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वहीं थाना प्रभारी विपिन ताम्रकार को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। प्रारंभिक जांच में इस अवैध कारोबार को पुलिस संरक्षण मिलने की आशंका भी सामने आई है, जिसके बाद पूरे मामले की जांच और तेज कर दी गई है।
प्रारंभिक जांच में पुलिस संरक्षण की आशंका
पुलिस अधिकारियों के अनुसार शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि सुहागी क्षेत्र में संचालित इस कथित देह व्यापार नेटवर्क को स्थानीय स्तर पर संरक्षण मिल रहा था। इसी आधार पर विभागीय कार्रवाई करते हुए आरक्षक को निलंबित किया गया है, जबकि थाना प्रभारी से पूरे मामले में जवाब तलब किया गया है।
उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र तक फैला नेटवर्क
जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि इस रैकेट का नेटवर्क केवल जबलपुर तक सीमित नहीं था। कथित तौर पर उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र से युवतियों को बुलाकर इस अवैध गतिविधि का संचालन किया जा रहा था। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है और विभिन्न राज्यों से जुड़े कनेक्शन की भी जांच की जा रही है।
पंटर भेजकर की गई थी कार्रवाई
पुलिस को लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि सुहागी के पन्नी मोहल्ला स्थित एक मकान में अनैतिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं। सूचना की पुष्टि के लिए पुलिस ने पहले एक युवक को ग्राहक (पंटर) बनाकर भेजा। उसे पहचान के लिए हस्ताक्षर किया हुआ नोट दिया गया था। जैसे ही सौदा तय हुआ और युवक ने तय संकेत दिया, पहले से तैयार पुलिस टीम ने मकान पर दबिश दे दी।
छापे में सात लोग मिले संदिग्ध अवस्था में
छापेमारी के दौरान मकान के बाहर सन्नाटा था। काफी देर तक दरवाजा खटखटाने के बाद जब पुलिस अंदर पहुंची तो वहां दो महिलाओं और पांच पुरुषों को संदिग्ध अवस्था में पाया गया। सभी को हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए महिला थाना भेजा गया। तलाशी के दौरान मौके से आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की गई।
इन लोगों को पुलिस ने लिया हिरासत में
पुलिस ने मौके से संजय चौरसिया, अभय सिंह उर्फ चिंटू, सुबोध सिंह, मुकेश निखर और आरुष मिश्रा सहित दो महिलाओं को हिरासत में लिया। सभी से पूछताछ जारी है और उनके मोबाइल, संपर्कों तथा बैंक लेन-देन की भी जांच की जा रही है।
एएसपी ने संभाली जांच की कमान
मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनु बेनीवाल ने स्वयं घटनास्थल का निरीक्षण किया। उनके निर्देश पर विभागीय कार्रवाई शुरू की गई और पूरे नेटवर्क की विस्तृत जांच के आदेश दिए गए हैं। पुलिस का कहना है कि यदि जांच में अन्य पुलिसकर्मियों या किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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