दैनिक सांध्य बन्धु (एजेंसी) नई दिल्ली। देशभर में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, गुजरात, बिहार समेत 16 राज्यों में भारी बारिश का दौर जारी है। उत्तराखंड में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन और नदियों का जलस्तर बढ़ने से जनजीवन प्रभावित हुआ है, जबकि असम में बाढ़ से अब तक 78 लोगों की मौत हो चुकी है और तीन लाख से अधिक लोग जलभराव की समस्या से जूझ रहे हैं।
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में गौरीकुंड के पास लैंडस्लाइड के चलते केदारनाथ यात्रा लगातार तीसरे दिन भी बाधित रही। कई स्थानों पर पहाड़ियों से मलबा और बोल्डर गिरने से सड़कें बंद हो गईं, घरों में मलबा घुस गया और कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। हरिद्वार में गंगा और रुद्रप्रयाग में अलकनंदा तथा मंदाकिनी नदियां खतरे के निशान के आसपास या उससे ऊपर बह रही हैं, जिससे प्रशासन अलर्ट पर है।
असम में बाढ़ की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। राज्य में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 78 हो गई है, जबकि 13 हजार परिवार 11 दिन बाद भी बिजली के बिना रह रहे हैं। राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी हैं और तीन लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, विदर्भ और तेलंगाना के कई इलाकों में रेड अलर्ट जारी किया है। गुजरात में अगले दो दिनों तक अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी के चलते कई जिलों में स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं तथा एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और अन्य राहत एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। मध्य प्रदेश, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, झारखंड और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में भी अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है।
लगातार हो रही बारिश के कारण कई राज्यों में जलभराव, नदी कटाव, सड़क संपर्क बाधित होने और भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।
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