दैनिक सांध्य बन्धु (एजेंसी) नई दिल्ली। लोकसभा के बाद गुरुवार को राज्यसभा ने भी लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 ध्वनिमत से पारित कर दिया। करीब आठ घंटे तक चली चर्चा के बाद केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के जवाब से पहले विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया। अब यह विधेयक राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
राज्यसभा में विधेयक पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। आरजेडी सांसद मनोज झा ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को समाप्त करने की मांग करते हुए तीखी टिप्पणी की, जबकि विपक्षी दलों ने केवल सजा कड़ी करने के बजाय परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की जरूरत बताई। सरकार ने संशोधन को पेपर लीक पर प्रभावी अंकुश लगाने की दिशा में बड़ा कदम बताया।
इस बीच, लोकसभा में भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन और सदन की अवमानना का नोटिस लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को सौंपा। नोटिस में आरोप लगाया गया है कि राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ असंसदीय और अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया तथा "इडियट" और "अंधभक्त" जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर सदन की गरिमा को ठेस पहुंचाई। अनुराग ठाकुर ने मामले को विशेषाधिकार समिति के पास भेजने और राहुल गांधी से सदन एवं अमित शाह से बिना शर्त माफी मांगने का निर्देश देने की मांग की है।
विधेयक के दोनों सदनों से पारित होने के बाद अब इसे राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद यह लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन अधिनियम, 2026 के रूप में लागू होगा। इसके बाद केंद्र सरकार अधिसूचना जारी कर कानून के प्रभावी होने की तिथि तय करेगी।
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