Jabalpur News: पेट्रोल पंप संचालक रिश्तेदारों और परिचितों को 25 लाख का चूना लगाकर परिवार समेत फरार; गढ़ा थाने में FIR दर्ज

दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। गढ़ा थाना क्षेत्र में धोखाधड़ी का एक मामला सामने आया है। यहां नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव का एक पेट्रोल पंप संचालक अपने ही पारिवारिक परिचितों, रिश्तेदारों और अन्य लोगों से लाखों रुपये ऐंठकर अपने पूरे परिवार सहित रहस्यमयी ढंग से फरार हो गया है। 

एफडी (FD) तुड़वाकर दिए थे 25 लाख रुपये, भरोसे का उठाया फायदा

जानकारी के अनुसार, गढ़ा के इंदिरा गांधी वार्ड (छोटी बजरिया) निवासी 65 वर्षीय बुजुर्ग कृष्णकांत दुबे ने थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के मुताबिक, सिद्धेश्वर कॉलोनी, गोटेगांव (नरसिंहपुर) निवासी राजाराम तिवारी (62 वर्ष) उनके पुराने परिचित हैं और उनके बीच अच्छे पारिवारिक संबंध थे। राजाराम का बड़ा बेटा अमिष तिवारी (32 वर्ष) गोटेगांव के श्रीनगर तिराहा परमहंसी रोड पर 'श्रीधाम पेट्रो कृषि केंद्र' नाम से पेट्रोल पंप चलाता है और पुराने वाहनों की खरीद-बिक्री का काम भी करता है।

फरवरी 2025 में अमिष तिवारी ने अपनी जरूरत बताते हुए कृष्णकांत दुबे से 10 लाख रुपये मांगे। पारिवारिक संबंधों का लिहाज रखते हुए बुजुर्ग ने 3 फरवरी 2025 को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) गढ़ा शाखा से अपनी फिक्स डिपॉजिट (FD) तुड़वाई और आरटीजीएस (RTGS) के माध्यम से 10 लाख रुपये अमिष के पेट्रोल पंप के खाते में ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद नवंबर 2025 में अमिष ने दोबारा पैसों की जरूरत बताई, जिस पर बुजुर्ग ने 20 नवंबर 2025 को फिर से अपनी दूसरी एफडी तुड़वाकर ₹15 लाख नगद दे दिए। इस तरह अमिष ने झांसा देकर कुल 25 लाख रुपये ऐंठ लिए, लेकिन बार-बार मांगने पर भी रकम वापस नहीं की।

एक साल की बच्ची समेत पूरा परिवार गायब, मढ़ोताल और गोटेगांव में गुमशुदगी दर्ज

कृष्णकांत दुबे को 5 फरवरी 2026 को अमिष के बड़े पिताजी और अपने मित्र अशोक तिवारी (निवासी हाथीताल, जबलपुर) से पता चला कि आरोपी अमिष तिवारी, उसका भाई तन्मय तिवारी, आयुष तिवारी, पत्नी इशिता तिवारी और उनकी एक वर्षीय मासूम बेटी सहित परिवार के पांचों लोग अचानक लापता हो गए हैं। इस संबंध में आरोपी के पिता राजाराम तिवारी द्वारा पहले ही जबलपुर के मढ़ोताल थाने और नरसिंहपुर के गोटेगांव थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई जा चुकी है।

रिश्तेदारों और चचेरी बहन से भी की करोड़ों की ठगी, आरोपी पर केस दर्ज

घटना के बाद जब पीड़ित ने छानबीन की तो पता चला कि अमिष तिवारी केवल उनसे ही नहीं, बल्कि अपने कई रिश्तेदारों और करीबियों से भी लाखों रुपये ऐंठकर भागा है। अमिष ने अपनी चचेरी बहन श्रीमती अंकिता द्विवेदी (निवासी विजय नगर) से जरूरत बताकर लगभग 20 लाख रुपये और अपनी बुआ के लड़के अनूप गिदरौनिया (निवासी राइट टाउन, जबलपुर) से भी करीब 20 से 25 लाख रुपये उधार लिए थे। इसके अलावा कई अन्य परिचितों से भी इसी तरह धोखाधड़ी कर वह लाखों-करोड़ों की रकम समेटकर फरार हुआ है।

गढ़ा थाना पुलिस ने कृष्णकांत दुबे की लिखित शिकायत और प्राथमिक जांच के आधार पर आरोपी अमिष तिवारी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत जालसाजी और धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब इस पूरे ठगी नेटवर्क और फरार आरोपी की सरगर्मी से तलाश कर रही है।

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