दैनिक सांध्य बन्धु (एजेंसी) भोपाल। स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण को लेकर भोपाल से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने आपत्ति जताई है। मसूद ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का जिक्र करते समय मुस्लिम स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान का उल्लेख नहीं किया।
आरिफ मसूद ने प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजकर कहा कि देश की आजादी किसी एक समुदाय की लड़ाई नहीं थी। अंग्रेजों से भारत को आजाद कराने में सभी समुदायों के लोगों ने योगदान दिया और बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम की चर्चा में मुस्लिम सेनानियों का उल्लेख नहीं होना अफसोसजनक है।
कई स्वतंत्रता सेनानियों का किया उल्लेख
मसूद ने अपने ज्ञापन में मजनू शाह फकीर, मूसा शाह, चिराग अली, नूरुल मोहम्मद और 1857 के विद्रोह से जुड़े अहमदुल्ला शाह मदरासी समेत कई नामों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास में मुस्लिम स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान के भी पर्याप्त संदर्भ मौजूद हैं।
उन्होंने नेशनल वॉर मेमोरियल और अंडमान-निकोबार की सेलुलर जेल का जिक्र करते हुए कहा कि वहां स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े मुस्लिम सेनानियों के नाम भी मिलते हैं।
PM से माफी मांगने की मांग
कांग्रेस विधायक ने कहा कि आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले किसी भी स्वतंत्रता सेनानी के योगदान को समुदाय के आधार पर नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री के भाषण पर सवाल उठाते हुए इसे स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान की तौहीन बताया और इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री से देश से माफी मांगने की मांग की।
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