दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। नर्मदा नदी के भड़पुरा घाट पर 26 अगस्त को पिता के साथ डूबे 10 वर्षीय लकी पाटिल का पांच दिन बाद भी कोई सुराग नहीं मिल सका है। चरगवां थाना पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने कई दिनों तक नदी में सर्च ऑपरेशन चलाया। टीम ने घटनास्थल से लेकर नरसिंहपुर जिले के झांसीघाट तक लकी की तलाश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। सोमवार को लगातार पांच दिन की तलाश के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन बंद कर दिया गया।
हालांकि, पुलिस ने नरसिंहपुर जिले की पुलिस को अलर्ट कर दिया है। आशंका जताई जा रही है कि बरगी बांध के गेट खुले होने के कारण नर्मदा नदी में तेज बहाव है और लकी पानी के बहाव के साथ नरसिंहपुर की ओर बह गया होगा।
बेटे को बचाने नदी में उतरे पिता भी डूबे
महाराष्ट्र के जलगांव निवासी गणेश पाटिल अपनी पत्नी रवीना और दो बेटों विराट व लकी के साथ चरगवां स्थित सुनील महाराज के आश्रम आए थे। उनके साथ गांव के करीब 10 से 15 अन्य लोग भी थे।
26 अगस्त को लकी कुछ बच्चों के साथ भड़पुरा घाट पर नर्मदा नदी में नहा रहा था। इसी दौरान अचानक उसका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चला गया। बेटे को डूबता देख पास खड़े पिता गणेश पाटिल उसे बचाने के लिए नदी में आगे बढ़े, लेकिन बेटे को बचाने की कोशिश में वह भी तेज बहाव की चपेट में आ गए।
देखते ही देखते पिता-पुत्र दोनों नदी में डूब गए। घाट पर मौजूद लोगों ने रस्सी के सहारे दोनों को बचाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। घटना की सूचना मिलते ही चरगवां थाना प्रभारी सरोजनी चौकसे पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचीं। स्थानीय गोताखोरों की मदद से पिता-पुत्र की तलाश शुरू की गई। कई घंटों तक सर्चिंग के बावजूद दोनों का पता नहीं चल सका। इसके बाद जबलपुर से एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और नदी में बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। टीम ने नदी के अलग-अलग हिस्सों में तलाश की और पानी के बहाव की दिशा में भी सर्चिंग की।
दो किलोमीटर दूर मिला पिता का शव
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान शनिवार को गणेश पाटिल का शव घटनास्थल से करीब दो किलोमीटर दूर नर्मदा नदी में उतराता हुआ मिला। शव मिलने के बाद लकी की तलाश और तेज कर दी गई।
शनिवार और रविवार को एसडीआरएफ तथा पुलिस की टीम ने लगातार सर्चिंग की, लेकिन लकी का कोई सुराग नहीं मिल सका। परिवार भी लगातार उसकी तलाश की उम्मीद में घटनास्थल पर मौजूद रहा।
पांच दिन बाद रेस्क्यू ऑपरेशन बंद
लगातार पांच दिनों तक तलाश के बावजूद लकी का पता नहीं चलने के बाद सोमवार को रेस्क्यू ऑपरेशन बंद कर दिया गया। हालांकि, पुलिस ने नरसिंहपुर जिले की पुलिस को सूचना देकर अलर्ट रहने के लिए कहा है, ताकि नदी के किनारे या आसपास लकी के मिलने की स्थिति में तत्काल सूचना मिल सके।
एएसपी सूर्यकांत शर्मा ने बताया कि घटना के बाद से ही पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें लगातार लकी की तलाश में जुटी थीं। बरगी बांध के गेट खुले होने के कारण नर्मदा नदी में पानी का बहाव तेज है। ऐसी स्थिति में आशंका है कि लकी पानी के तेज बहाव के साथ नरसिंहपुर की ओर बह गया होगा। इसी संभावना को देखते हुए नरसिंहपुर पुलिस को भी अलर्ट किया गया है।
परिवार महाराष्ट्र लौटा
लकी के परिवार वाले रविवार को महाराष्ट्र लौट गए। पिता गणेश पाटिल का शव मिलने के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वहीं, पांच दिन बाद भी लकी का पता नहीं चलने से परिजनों की चिंता बनी हुई है। पुलिस अब नरसिंहपुर की ओर नदी के बहाव वाले क्षेत्रों में लकी के मिलने की संभावना को देखते हुए निगरानी बनाए हुए है।
हालांकि, पुलिस ने नरसिंहपुर जिले की पुलिस को अलर्ट कर दिया है। आशंका जताई जा रही है कि बरगी बांध के गेट खुले होने के कारण नर्मदा नदी में तेज बहाव है और लकी पानी के बहाव के साथ नरसिंहपुर की ओर बह गया होगा।
बेटे को बचाने नदी में उतरे पिता भी डूबे
महाराष्ट्र के जलगांव निवासी गणेश पाटिल अपनी पत्नी रवीना और दो बेटों विराट व लकी के साथ चरगवां स्थित सुनील महाराज के आश्रम आए थे। उनके साथ गांव के करीब 10 से 15 अन्य लोग भी थे।
26 अगस्त को लकी कुछ बच्चों के साथ भड़पुरा घाट पर नर्मदा नदी में नहा रहा था। इसी दौरान अचानक उसका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चला गया। बेटे को डूबता देख पास खड़े पिता गणेश पाटिल उसे बचाने के लिए नदी में आगे बढ़े, लेकिन बेटे को बचाने की कोशिश में वह भी तेज बहाव की चपेट में आ गए।
देखते ही देखते पिता-पुत्र दोनों नदी में डूब गए। घाट पर मौजूद लोगों ने रस्सी के सहारे दोनों को बचाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। घटना की सूचना मिलते ही चरगवां थाना प्रभारी सरोजनी चौकसे पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचीं। स्थानीय गोताखोरों की मदद से पिता-पुत्र की तलाश शुरू की गई। कई घंटों तक सर्चिंग के बावजूद दोनों का पता नहीं चल सका। इसके बाद जबलपुर से एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और नदी में बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। टीम ने नदी के अलग-अलग हिस्सों में तलाश की और पानी के बहाव की दिशा में भी सर्चिंग की।
दो किलोमीटर दूर मिला पिता का शव
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान शनिवार को गणेश पाटिल का शव घटनास्थल से करीब दो किलोमीटर दूर नर्मदा नदी में उतराता हुआ मिला। शव मिलने के बाद लकी की तलाश और तेज कर दी गई।
शनिवार और रविवार को एसडीआरएफ तथा पुलिस की टीम ने लगातार सर्चिंग की, लेकिन लकी का कोई सुराग नहीं मिल सका। परिवार भी लगातार उसकी तलाश की उम्मीद में घटनास्थल पर मौजूद रहा।
पांच दिन बाद रेस्क्यू ऑपरेशन बंद
लगातार पांच दिनों तक तलाश के बावजूद लकी का पता नहीं चलने के बाद सोमवार को रेस्क्यू ऑपरेशन बंद कर दिया गया। हालांकि, पुलिस ने नरसिंहपुर जिले की पुलिस को सूचना देकर अलर्ट रहने के लिए कहा है, ताकि नदी के किनारे या आसपास लकी के मिलने की स्थिति में तत्काल सूचना मिल सके।
एएसपी सूर्यकांत शर्मा ने बताया कि घटना के बाद से ही पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें लगातार लकी की तलाश में जुटी थीं। बरगी बांध के गेट खुले होने के कारण नर्मदा नदी में पानी का बहाव तेज है। ऐसी स्थिति में आशंका है कि लकी पानी के तेज बहाव के साथ नरसिंहपुर की ओर बह गया होगा। इसी संभावना को देखते हुए नरसिंहपुर पुलिस को भी अलर्ट किया गया है।
परिवार महाराष्ट्र लौटा
लकी के परिवार वाले रविवार को महाराष्ट्र लौट गए। पिता गणेश पाटिल का शव मिलने के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वहीं, पांच दिन बाद भी लकी का पता नहीं चलने से परिजनों की चिंता बनी हुई है। पुलिस अब नरसिंहपुर की ओर नदी के बहाव वाले क्षेत्रों में लकी के मिलने की संभावना को देखते हुए निगरानी बनाए हुए है।
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