Jabalpur News: अन्नपूर्णा वेयरहाउस में 1.35 करोड़ के गेहूं की हेराफेरी, 10 हजार का इनामी आरोपी गिरफ्तार

दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर।
मझौली थाना क्षेत्र के पिपरिया स्थित मां अन्नपूर्णा वेयरहाउस में गेहूं उपार्जन के दौरान हुई हेराफेरी और धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने 10 हजार रुपए के इनामी आरोपी अमन पाण्डेय को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार वेयरहाउस में 5168.70 क्विंटल गेहूं का हिसाब नहीं मिला, जिसकी कीमत करीब 1 करोड़ 35 लाख 67 हजार 837 रुपए बताई गई है।

प्रशासनिक शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी। जांच में गेहूं की हेराफेरी सामने आने पर कनिष्ठ खाद्य आपूर्ति अधिकारी के प्रतिवेदन पर मझौली थाने में मामला दर्ज किया गया। पुलिस के मुताबिक आरोपी अमन पाण्डेय लंबे समय से फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी पर जबलपुर एसपी संपत उपाध्याय ने 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था।

दूसरे जिले भागने की फिराक में था आरोपी

पुलिस को सूचना मिली थी कि अमन पाण्डेय क्षेत्र में देखा गया है और वह जबलपुर से दूसरे जिले की ओर भागने की फिराक में है। सूचना के बाद मझौली थाना प्रभारी पूर्वा चौरसिया के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।

रिकॉर्ड और स्टॉक में मिला अंतर

मामला मझौली थाना क्षेत्र के पिपरिया स्थित मां अन्नपूर्णा वेयरहाउस-102 से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार गेहूं उपार्जन के दौरान 5168.70 क्विंटल गेहूं का हिसाब नहीं मिला। इसकी कीमत करीब 1,35,67,837.50 रुपए बताई गई है।

मामले में मझौली थाने में अपराध क्रमांक 265/26 के तहत बीएनएस की धारा 316(2), 316(5), 318(2) और 3(5) में प्रकरण दर्ज किया गया है।

मई में निरीक्षण के दौरान सामने आई गड़बड़ी


मई 2026 में प्रशासनिक टीम ने मां अन्नपूर्णा वेयरहाउस का निरीक्षण किया था। जांच के दौरान रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में अंतर पाया गया। स्टेट सिविल सप्लाइज कॉर्पोरेशन द्वारा 92,250 बारदाने उपलब्ध कराए गए थे, जबकि खरीदी केंद्र में 48,347 क्विंटल गेहूं के हिसाब से बारदानों का उपयोग पाया गया। वहीं पोर्टल पर 96,694 बारदाने अपलोड किए गए थे।

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि एसडीएम ने खरीदी केंद्र प्रभारी को खरीदी के अंतिम दिनों में किसानों की तौल पर्चियों में दर्ज जानकारी को नोडल अधिकारी से प्रमाणित कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। 

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