दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। एक महिला ने अपनी सहेली पर भरोसे का फायदा उठाकर सोने-चांदी के जेवर और नकदी हड़पने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर शिकायत दी है। मामले में पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय ने संजीवनी नगर थाना प्रभारी बी.डी. द्विवेदी को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
पारिवारिक संबंधों का फायदा उठाकर मांगी मदद
शिकायतकर्ता शक्ति जैन ने बताया कि वर्ष 2024 में उसकी पहचान दीपशिखा गुप्ता से हुई थी। दोनों के बीच धीरे-धीरे अच्छी दोस्ती हो गई और पारिवारिक संबंध बन गए। शिकायत के मुताबिक, दीपशिखा उसे छोटी बहन मानती थी। महिला का आरोप है कि दिसंबर 2025 में दीपशिखा ने अपने पति के खिलाफ आईपीएल से जुड़े एक मामले का हवाला देते हुए आर्थिक परेशानी बताई। उसने कहा कि मामले के चलते उसके और उसके पति के जेल जाने की स्थिति बन सकती है और उसे तत्काल पैसों की जरूरत है। बार-बार मदद मांगने और अपनी परेशानी बताने के बाद शक्ति ने अपने पास नकदी नहीं होने की बात कही।
पति और परिजनों को बिना बताए दिए जेवर
शिकायत के अनुसार, दीपशिखा की आर्थिक परेशानी देखकर शक्ति ने अपने पति और परिवार के अन्य सदस्यों को बताए बिना अपने स्त्रीधन के जेवर और 5 हजार रुपए नकद उसे दे दिए। आरोप है कि दीपशिखा ने तीन महीने के भीतर जेवर और राशि वापस करने का भरोसा दिलाया था। शिकायत में बताए गए जेवरों में दो रानी हार, एक छोटा हार, दो जोड़ी सोने की झुमकी, दो सोने की अंगूठियां, एक जोड़ा नथ, दो सोने के सिक्के, तीन मंगलसूत्र पेंडल, दो सेट चांदी की पायल, एक टुकड़ी फाइन और बच्चे का सोने का चंद्रमा शामिल हैं।
समय मांगकर करती रही टालमटोल
तीन महीने बीतने के बाद जब शक्ति ने अपने जेवर और रुपए वापस मांगे तो आरोप है कि दीपशिखा ने कभी कुछ दिन बाद, कभी अगले महीने तो कभी अन्य बहाने बनाकर समय मांगना शुरू कर दिया। शिकायत में बेटी की बीमारी का हवाला देकर भी जेवर लौटाने में देरी करने का आरोप लगाया गया है। इसके बाद 27 जुलाई 2026 को शक्ति के बच्चे का जन्मदिन था। इस दौरान जब परिवार के लोगों ने उससे जेवर पहनने के लिए कहा तो मामले का खुलासा हुआ। शिकायतकर्ता के मुताबिक, परिवार को पूरी घटना की जानकारी होने के बाद घर में तनाव का माहौल बन गया।
जेवर दूसरी महिलाओं के पास गिरवी रखने का आरोप
शिकायत के मुताबिक, 25 जुलाई को शक्ति ने दीपशिखा को फोन कर अपने जेवर वापस मांगे और बताया कि उसके बच्चे का जन्मदिन है, इसलिए उसे जेवर पहनने होंगे। आरोप है कि इस पर दीपशिखा ने कहा कि जेवर उसकी सहेलियों अनुभा झारिया और स्वाति के पास हैं और अगले महीने लाकर वापस कर देगी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसके बाद दीपशिखा ने उसे चुप रहने की बात कहते हुए धमकाया। आरोप है कि उसने जेवर वापस मांगने पर आत्महत्या करने, झूठे मामले में फंसाने और शक्ति, उसके पति व बच्चे को जान से मरवाने तक की धमकी दी।
महिला ने बताया- जेवर गिरवी रखे हैं
शिकायत में यह भी कहा गया है कि अनुभा झारिया से रास्ते में मुलाकात होने पर उसने कथित तौर पर बताया कि शक्ति के जेवर दीपशिखा ने उसके पास और कुछ जेवर स्वाति के पास गिरवी रखे हैं। अनुभा ने कथित तौर पर कहा कि दीपशिखा द्वारा उसके रुपए चुकाने के बाद ही जेवर वापस किए जाएंगे।
शक्ति जैन का आरोप है कि उसने 1 अगस्त 2026 को संजीवनी नगर थाने में शिकायत करने का प्रयास किया, लेकिन उसे तिलवारा थाने भेज दिया गया। इसके बाद करीब 20 दिनों तक उसे अलग-अलग कारणों से परेशान किया गया और 25 अगस्त को दोबारा संजीवनी नगर थाने में शिकायत दर्ज कराने के लिए कहा गया। इसके बाद महिला ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर अपनी शिकायत प्रस्तुत की और जेवर व नकदी वापस दिलाने के साथ ही आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की।
पारिवारिक संबंधों का फायदा उठाकर मांगी मदद
शिकायतकर्ता शक्ति जैन ने बताया कि वर्ष 2024 में उसकी पहचान दीपशिखा गुप्ता से हुई थी। दोनों के बीच धीरे-धीरे अच्छी दोस्ती हो गई और पारिवारिक संबंध बन गए। शिकायत के मुताबिक, दीपशिखा उसे छोटी बहन मानती थी। महिला का आरोप है कि दिसंबर 2025 में दीपशिखा ने अपने पति के खिलाफ आईपीएल से जुड़े एक मामले का हवाला देते हुए आर्थिक परेशानी बताई। उसने कहा कि मामले के चलते उसके और उसके पति के जेल जाने की स्थिति बन सकती है और उसे तत्काल पैसों की जरूरत है। बार-बार मदद मांगने और अपनी परेशानी बताने के बाद शक्ति ने अपने पास नकदी नहीं होने की बात कही।
पति और परिजनों को बिना बताए दिए जेवर
शिकायत के अनुसार, दीपशिखा की आर्थिक परेशानी देखकर शक्ति ने अपने पति और परिवार के अन्य सदस्यों को बताए बिना अपने स्त्रीधन के जेवर और 5 हजार रुपए नकद उसे दे दिए। आरोप है कि दीपशिखा ने तीन महीने के भीतर जेवर और राशि वापस करने का भरोसा दिलाया था। शिकायत में बताए गए जेवरों में दो रानी हार, एक छोटा हार, दो जोड़ी सोने की झुमकी, दो सोने की अंगूठियां, एक जोड़ा नथ, दो सोने के सिक्के, तीन मंगलसूत्र पेंडल, दो सेट चांदी की पायल, एक टुकड़ी फाइन और बच्चे का सोने का चंद्रमा शामिल हैं।
समय मांगकर करती रही टालमटोल
तीन महीने बीतने के बाद जब शक्ति ने अपने जेवर और रुपए वापस मांगे तो आरोप है कि दीपशिखा ने कभी कुछ दिन बाद, कभी अगले महीने तो कभी अन्य बहाने बनाकर समय मांगना शुरू कर दिया। शिकायत में बेटी की बीमारी का हवाला देकर भी जेवर लौटाने में देरी करने का आरोप लगाया गया है। इसके बाद 27 जुलाई 2026 को शक्ति के बच्चे का जन्मदिन था। इस दौरान जब परिवार के लोगों ने उससे जेवर पहनने के लिए कहा तो मामले का खुलासा हुआ। शिकायतकर्ता के मुताबिक, परिवार को पूरी घटना की जानकारी होने के बाद घर में तनाव का माहौल बन गया।
जेवर दूसरी महिलाओं के पास गिरवी रखने का आरोप
शिकायत के मुताबिक, 25 जुलाई को शक्ति ने दीपशिखा को फोन कर अपने जेवर वापस मांगे और बताया कि उसके बच्चे का जन्मदिन है, इसलिए उसे जेवर पहनने होंगे। आरोप है कि इस पर दीपशिखा ने कहा कि जेवर उसकी सहेलियों अनुभा झारिया और स्वाति के पास हैं और अगले महीने लाकर वापस कर देगी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसके बाद दीपशिखा ने उसे चुप रहने की बात कहते हुए धमकाया। आरोप है कि उसने जेवर वापस मांगने पर आत्महत्या करने, झूठे मामले में फंसाने और शक्ति, उसके पति व बच्चे को जान से मरवाने तक की धमकी दी।
महिला ने बताया- जेवर गिरवी रखे हैं
शिकायत में यह भी कहा गया है कि अनुभा झारिया से रास्ते में मुलाकात होने पर उसने कथित तौर पर बताया कि शक्ति के जेवर दीपशिखा ने उसके पास और कुछ जेवर स्वाति के पास गिरवी रखे हैं। अनुभा ने कथित तौर पर कहा कि दीपशिखा द्वारा उसके रुपए चुकाने के बाद ही जेवर वापस किए जाएंगे।
शक्ति जैन का आरोप है कि उसने 1 अगस्त 2026 को संजीवनी नगर थाने में शिकायत करने का प्रयास किया, लेकिन उसे तिलवारा थाने भेज दिया गया। इसके बाद करीब 20 दिनों तक उसे अलग-अलग कारणों से परेशान किया गया और 25 अगस्त को दोबारा संजीवनी नगर थाने में शिकायत दर्ज कराने के लिए कहा गया। इसके बाद महिला ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर अपनी शिकायत प्रस्तुत की और जेवर व नकदी वापस दिलाने के साथ ही आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की।
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