दैनिक सांध्य बन्धु (एजेंसी) नई दिल्ली। सोने-चांदी की कीमतों में बुधवार, 2 सितंबर को एक बार फिर गिरावट दर्ज की गई। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के अनुसार 24 कैरेट सोने का भाव 10 ग्राम पर ₹1,855 घटकर करीब ₹1.51 लाख रह गया। वहीं, चांदी की कीमत में भी ₹2,059 की गिरावट आई और एक किलो चांदी का भाव करीब ₹2.28 लाख पर पहुंच गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गैर-जरूरी होने पर सोना नहीं खरीदने की अपील के बाद पिछले दो दिनों में सोने-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। बीते दो दिनों में चांदी करीब ₹9 हजार और सोना करीब ₹4,500 सस्ता हो चुका है। मंगलवार को सोने के भाव में ₹2,652 और चांदी में ₹6,780 की गिरावट आई थी।
पीएम मोदी की अपील का असर
मार्केट एक्सपर्ट अनुज गुप्ता के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी की अपील के बाद सोने की कीमत पर दबाव देखने को मिल रहा है। इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर भी सोने और चांदी के बाजार पर पड़ा है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव का भी बाजार पर असर देखा जा रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े तनाव तथा क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है।
ऑलटाइम हाई से चांदी ₹1.58 लाख सस्ती
इस साल सोने-चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। 31 दिसंबर 2025 को सोने का भाव करीब ₹1.33 लाख प्रति 10 ग्राम था, जो 29 जनवरी को बढ़कर ₹1.76 लाख के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था। इसके बाद से सोना करीब ₹24 हजार सस्ता हो चुका है।
इसी तरह 31 दिसंबर 2025 को चांदी का भाव करीब ₹2.28 लाख प्रति किलो था। 29 जनवरी को यह बढ़कर ₹3.86 लाख के ऑलटाइम हाई पर पहुंच गई थी। अब तक चांदी अपने उच्चतम स्तर से करीब ₹1.58 लाख नीचे आ चुकी है।
अलग-अलग शहरों में क्यों अलग होता है सोने का भाव?
सोने की कीमत हर शहर में बिल्कुल समान नहीं होती। इसके पीछे कई स्थानीय कारण होते हैं। एक शहर से दूसरे शहर तक सोना पहुंचाने में परिवहन और सुरक्षा का खर्च जुड़ता है। इसके अलावा स्थानीय मांग और आपूर्ति भी कीमत को प्रभावित करती है।
दक्षिण भारत में सोने की खपत अधिक होने के कारण वहां ज्वेलर्स की खरीदारी का स्तर भी बड़ा होता है। राज्य और शहर के स्थानीय ज्वेलरी एसोसिएशन मांग-सप्लाई के आधार पर कीमतों को प्रभावित कर सकते हैं। इसके साथ ही ज्वेलर्स के पास मौजूद पुराने स्टॉक की खरीद कीमत भी बिक्री मूल्य तय करने में भूमिका निभाती है।
सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान
सोना खरीदते समय हमेशा बीआईएस हॉलमार्क वाला प्रमाणित सोना खरीदना चाहिए। हॉलमार्क से सोने की शुद्धता और कैरेट की जानकारी मिलती है।
खरीदारी से पहले सोने का वजन और उस दिन का भाव अलग-अलग विश्वसनीय स्रोतों से जरूर जांचें। 24, 22 और 18 कैरेट सोने के भाव अलग-अलग होते हैं।
इसके अलावा गहने खरीदते समय मेकिंग चार्ज पर भी ध्यान देना जरूरी है। यह शुल्क तय नहीं होता और ज्वेलर्स से इसमें कमी के लिए बातचीत की जा सकती है। बड़ी खरीदारी की स्थिति में ग्राहक मेकिंग या श्रम शुल्क का पूरा ब्योरा मांगकर बेहतर सौदा कर सकते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गैर-जरूरी होने पर सोना नहीं खरीदने की अपील के बाद पिछले दो दिनों में सोने-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। बीते दो दिनों में चांदी करीब ₹9 हजार और सोना करीब ₹4,500 सस्ता हो चुका है। मंगलवार को सोने के भाव में ₹2,652 और चांदी में ₹6,780 की गिरावट आई थी।
पीएम मोदी की अपील का असर
मार्केट एक्सपर्ट अनुज गुप्ता के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी की अपील के बाद सोने की कीमत पर दबाव देखने को मिल रहा है। इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर भी सोने और चांदी के बाजार पर पड़ा है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव का भी बाजार पर असर देखा जा रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े तनाव तथा क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है।
ऑलटाइम हाई से चांदी ₹1.58 लाख सस्ती
इस साल सोने-चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। 31 दिसंबर 2025 को सोने का भाव करीब ₹1.33 लाख प्रति 10 ग्राम था, जो 29 जनवरी को बढ़कर ₹1.76 लाख के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था। इसके बाद से सोना करीब ₹24 हजार सस्ता हो चुका है।
इसी तरह 31 दिसंबर 2025 को चांदी का भाव करीब ₹2.28 लाख प्रति किलो था। 29 जनवरी को यह बढ़कर ₹3.86 लाख के ऑलटाइम हाई पर पहुंच गई थी। अब तक चांदी अपने उच्चतम स्तर से करीब ₹1.58 लाख नीचे आ चुकी है।
अलग-अलग शहरों में क्यों अलग होता है सोने का भाव?
सोने की कीमत हर शहर में बिल्कुल समान नहीं होती। इसके पीछे कई स्थानीय कारण होते हैं। एक शहर से दूसरे शहर तक सोना पहुंचाने में परिवहन और सुरक्षा का खर्च जुड़ता है। इसके अलावा स्थानीय मांग और आपूर्ति भी कीमत को प्रभावित करती है।
दक्षिण भारत में सोने की खपत अधिक होने के कारण वहां ज्वेलर्स की खरीदारी का स्तर भी बड़ा होता है। राज्य और शहर के स्थानीय ज्वेलरी एसोसिएशन मांग-सप्लाई के आधार पर कीमतों को प्रभावित कर सकते हैं। इसके साथ ही ज्वेलर्स के पास मौजूद पुराने स्टॉक की खरीद कीमत भी बिक्री मूल्य तय करने में भूमिका निभाती है।
सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान
सोना खरीदते समय हमेशा बीआईएस हॉलमार्क वाला प्रमाणित सोना खरीदना चाहिए। हॉलमार्क से सोने की शुद्धता और कैरेट की जानकारी मिलती है।
खरीदारी से पहले सोने का वजन और उस दिन का भाव अलग-अलग विश्वसनीय स्रोतों से जरूर जांचें। 24, 22 और 18 कैरेट सोने के भाव अलग-अलग होते हैं।
इसके अलावा गहने खरीदते समय मेकिंग चार्ज पर भी ध्यान देना जरूरी है। यह शुल्क तय नहीं होता और ज्वेलर्स से इसमें कमी के लिए बातचीत की जा सकती है। बड़ी खरीदारी की स्थिति में ग्राहक मेकिंग या श्रम शुल्क का पूरा ब्योरा मांगकर बेहतर सौदा कर सकते हैं।
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